सियोल । दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने अपदस्थ राष्ट्रपति यून सुक येओल पर शिकंजा और कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने मार्शल लॉ जांच के तहत महाभियोग लगाए गए राष्ट्रपति यून सुक येओल को हिरासत में लेने के लिए वारंट मांगने की तैयारी शुरू कर दी है।इससे पहले दक्षिण कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति के खिलाफ संवैधानिक अदालत ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। मामले पर अदालत ने कई सुनवाइयां कर ली हैं। इस बीच कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने अल्पकालिक मार्शल लॉ डिक्री पर पूछताछ के लिए येओल पर दबाव बनाना भी शुरू कर दिया है। कोर्ट को 180 दिन के अंदर इस बारे में फैसला लेना है कि यून को औपचारिक रूप से पद से हटाया जाए या नहीं। आसान शब्दों में संवैधानिक न्यायालय के पास यह तय करने के लिए 180 दिनों का समय है कि यून को राष्ट्रपति पद से हटाया जाए या उनकी शक्तियां बहाल की जाएं। यदि उन्हें पद से हटा दिया जाता है, तो उनके उत्तराधिकारी को चुनने के लिए 60 दिनों के भीतर राष्ट्रीय चुनाव कराना होगा। ऐसे में जांच अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या यून द्वारा सत्ता हथियाने की गलत कोशिश विद्रोह के समान थी।