11 जवानों समेत 100 से ज्यादा लापता, 400 का रेस्क्यू; केरल के 28 टूरिस्ट का सुराग नहीं
देहरादून
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से प्रभावित इलाकों धराली, हर्षिल और सुखी टॉप में सर्च ऑपरेशन जारी है। त्रासदी में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। 100 से ज्यादा लोग लापता हैं। SDRF, NDRF, ITBP और आर्मी बचाव कार्य में जुटी हैं।ITBP के प्रवक्ता कमलेश कमल ने बताया- 400 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 100 से ज्यादा अभी भी फंसे हैं। शाम तक उन्हें भी बचा लिया जाएगा। NDRF डीआईजी शहीदी ने कहा कि सेना के 11 जवान लापता हैं।बुधवार सुबह पीएम मोदी ने उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की। इसके बाद धामी ने धराली और दूसरी जगहों का एरियल सर्वे किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर मीटिंग भी की।इधर, केरल के 28 टूरिस्ट्स का ग्रुप धराली की घटना के बाद से लापता है। परिवार के सदस्यों ने कहा- एक दिन पहले सभी ने गंगोत्री की यात्रा पर जाने की बात कही थी, लेकिन लैंडस्लाइड के बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है।गंगोत्री तीर्थयात्रियों के प्रमुख पड़ाव धराली गांव के बाजार-मकान, होटल बह गए खीर गंगा नदी में पहाड़ों से बहकर आए मलबे से बहे, सिर्फ 34 सेकेंड में ये बर्बादी हुई।
हिमाचल में बाढ़ से 2 श्रद्धालुओं की मौत , किन्नर कैलाश यात्रा रुकी
पहाड़ों पर मानसून की बारिश आफत लेकर आई है। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार रात से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। किन्नौर जिले में सालाना होने वाली किन्नर कैलाश यात्रा पर गए दो श्रद्धालुओं की बाढ़ में बहने से मौत हो गई।अचानक आई बाढ़ से यात्रा रूट पर दो पुल भी बह गए। बाकी का रास्ता भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण यात्रा रोक दी गई है। कई श्रद्धालु फंसे हुए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की टीम ने जिपलाइन की मदद से 413 तीर्थयात्रियों को बचाया है।मंगलवार रात चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर भी लैंडस्लाइड हुई। सड़कों पर बड़ी-बड़ी चट्टान गिरने से राज्य में 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। शिमला, मंडी, सोलन और कुल्लू जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।

