नई दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट ने महिलाओं को CDS (कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज) परीक्षा के जरिए भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), नौसेना अकादमी (INA) और वायुसेना अकादमी (AFA) में शामिल न करने को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने बुधवार को कहा, महिला अफसरों को सेना में परमानेंट जॉब नहीं मिल रही। यह मामला गंभीर है और केंद्र सरकार को इसका जवाब देना होगा। अगली सुनवाई नवंबर 2025 में होगी। याचिका वकील कुश कालरा ने दायर की है। उन्होंने याचिका में कहा कि 28 मई 2025 को UPSC ने CDS-II परीक्षा का विज्ञापन निकाला, जिसमें महिलाओं को सिर्फ OTA (ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई) में आवेदन की अनुमति दी गई है, जबकि बाकी तीन अकादमियों में सिर्फ पुरुषों को ही शामिल किया गया है।IMA,AFA और INA से पास होने वाले अफसरों को स्थायी नौकरी यानी परमानेंट कमीशन मिलता है। वहीं, OTA से निकलने वाले अफसरों को केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन मिलता है, जो 10 साल की नौकरी होती है और जरूरत पड़ने पर 4 साल और बढ़ाई जा सकती है। IMA,AFA और INA में लगभग 18 महीने की ट्रेनिंग होती है, जबकि OTA में सिर्फ 49 हफ्तों की ट्रेनिंग होती है।

