अहमदाबाद । गुजरात यूनिवर्सिटी द्वारा प्रायोजित “स्वदेशी अर्थतंत्र की राष्ट्रवादी वैश्विकता” सेमिनार में मंत्री ऋषिकेश पटेल की प्रेरक उपस्थिति गुजरात यूनिवर्सिटी में आयोजित “स्वदेशी अर्थतंत्र की राष्ट्रवादी वैश्विकता” विषय पर सेमिनार में उच्च शिक्षा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत के लिए आगामी समय बहुत महत्वपूर्ण है। स्वदेशी आत्मनिर्भरता का जनक है। मंत्री ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेज भारत से कच्चा माल ले जाकर विदेशों में तैयार माल के रूप में बेचते थे, जिससे भारत की संपत्ति विदेशों में चली गई। इसके जवाब में 1905 में लोकमान्य तिलक जैसे क्रांतिकारियों ने स्वदेशी का विचार दिया। महात्मा गांधी ने इसे देशभर में फैलाया और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए जागरूकता बढ़ाई। पटेल ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर जोर देते हुए कहा कि आज हमारे देश के श्रमिक, कारीगर और वैज्ञानिक हर तरह के उत्पादन के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। भारत अब वैश्विक बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा है ।

