- मुख्यमंत्री का त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की महत्वपूर्ण एवं बुनियादी इकाई ग्राम पंचायतों के भवन एवं पटवारी-सह-मंत्री आवास निर्माणों में 100 प्रतिशत सेचुरेशन लाने का प्रो-पीपल अप्रोच
गांधीनगर । मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ग्राम पंचायत घर तथा पटवारी-सह-मंत्री आवास योजना में 100 प्रतिशत सेचुरेशन लाने के उद्देश्य से राज्य में 2055 नए ग्राम पंचायत घरों के लिए 489.95 करोड़ रुपए का अनुदान मंजूर किया है। मुख्यमंत्री ने यह अनुदान मंजूर करने में त्रिस्तरीय पंचायती राज स्वयवस्था की महत्वपूर्ण एवं बुनियादी इकाई ग्राम पंचायतों को उनका अपना पंचायत घर उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा है। राज्य के जर्जर पंचायत घर वाली तथा पंचायत घर रहित ग्राम पंचायतों को नए पंचायत घर एवं पटवारी-सह-मंत्री आवास निर्माण के लिए राज्य सरकार के पंचायत विभाग द्वारा हर वर्ष बजट से वित्तीय आवंटन किया जाता है और आवश्यकता के अनुसार पंचायत घरों का निर्माण भी होता है। तद्अनुसार; ग्राम पंचायत घर व पटवारी-सह-मंत्री आवास निर्माण के लिए 10 हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 40 लाख रुपए, 5 हजार से 10 हजार तक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 34.83 लाख रुपए तथा 5 हजार से कम जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 25 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। पटेल ने इस संदर्भ में पहली बार एक साथ राज्य की 2055 ग्राम पंचायतों में नए पंचायत घर के लिए सम्बद्ध गाँव की जनसंख्या आधारित यूनिट कोस्ट के अनुसार समग्रतया 489.95 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जिसके फलस्वरूप अधिकांश ग्राम पंचायतें इसी वर्ष अपने भवनों का निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगी। इतना ही नहीं; मुख्यमंत्री ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त ग्राम पंचायत कार्यालयों द्वारा नागरिकों को ग्रामीण स्तर पर सही आसानी से एवं तेज सेवाएँ मुहैया कराने का सकारात्मक दृष्टिकोण भी अपनाया है। इसके अतिरिक्त; पंचायत विभाग की अन्य योजनाओं में समाविष्ट ग्राम पंचायतों में भी ऐसे पंचायत घरों के निर्माण में 100 प्रतिशत सेचुरेशन लाने का कार्य प्रगति पर है। यह कार्य पूर्ण होने से राज्य की सभी ग्राम पंचायतें अपने ग्राम पंचायत घरों से सुसज्ज बनेंगी और ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय स्तर पर त्वरित सरकारी सेवाएँ मिलेंगी।
पंचायत घर व पटवारी-सह-मंत्री आवास निर्माण के लिए
• 10 हजार से अधिक जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 40 लाख रुपए
• 5 हजार से 10 हजार तक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 34.83 लाख रुपए
• 5 हजार से कम जनसंख्या वाली ग्राम पंचायतों को 25 लाख रुपए

