- 15 से 25 हजार में यूके, यूरोप और कनाडा के वर्क वीजा स्टिकर बनाता था शातिर अपराधी
सूरत
सूरत पुलिस ने एक बड़े नकली वीजा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए प्रतीक शाह उर्फ अभिजीत को गिरफ्तार किया है। प्रतीक पिछले 8 साल से इस धंधे में सक्रिय था और 15,000 से 25,000 रुपये में यूके, यूरोप और कनाडा के नकली वर्क वीजा स्टिकर बनाता था। उसने इस काम से 1 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके रांदेर स्थित फ्लैट से 13 नकली वीजा स्टिकर, मुहरें, होलोग्राम वाले कागज, प्रिंटर और अन्य उपकरण जब्त किए। प्रतीक पुलिस से बचने के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करता था और कुरियर के जरिए वीजा स्टिकर भेजता था, जबकि भुगतान बैंक या आंगड़िया के माध्यम से प्राप्त करता था। प्रतीक शाह के खिलाफ सूरत, वडोदरा और दिल्ली में कई मामले दर्ज हैं। वह कुछ महीने पहले ही दिल्ली की जेल से छूटा था। उसकी गिरफ्तारी से एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के जल्द ही बेनकाब होने की उम्मीद है। सूरत एसओजी के पास प्रतीक शाह के नकली वीजा स्टिकर बनाने की जानकारी एक साल से थी। साल 2024 में जब सूरत एसओजी उसे पकड़ने की तैयारी कर रही थी, तभी दिल्ली पुलिस अक्टूबर 2024 में वहां पहुंची और उसे पकड़कर ले गई। दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में प्रतीक शाह सहित उसके गिरोह को गिरफ्तार किया गया था। प्रतीक शाह छह महीने पहले ही जेल से छूटा है। प्रतीक शाह के खिलाफ गुजरात के सूरत, वडोदरा और दिल्ली में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।

