गांधीनगर।
राज्य में लगभग 100 प्रतिशत मानसून वर्षा होने के बाद अब सरकार ने वर्षा जल संचय (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के कार्यों के लिए तत्काल कदम उठाए हैं। इसके तहत विधायकों की ग्रांट से लोकभागीदारी की राशि की हिस्सेदारी को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत निजी सोसाइटी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों और आवासीय फ्लैटों में किए जाने वाले जल संचय कार्यों को शामिल करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, विधायक अपनी ग्रांट से 20 प्रतिशत तक लोकभागीदारी राशि प्रदान कर सकेंगे। गुजरात सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नए प्रस्ताव के तहत अब विधायक की ग्रांट से निजी सोसाइटी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों और आवासीय फ्लैटों में जल संचय (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। यह प्रस्ताव 10 सितंबर को जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि ‘पर्कोलेशन वेल, खंभाती कुआं, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम या पुराने बोरवेल को रिचार्ज करने का खर्च जनभागीदारी घटक के तहत विधायक की ग्रांट से 20 प्रतिशत तक लोकभागीदारी राशि के रूप में आवंटित किया जा सकेगा।’इस प्रस्ताव के अनुसार, पहले के नियमों में 10 प्रतिशत लोकभागीदारी राशि विधायक की ग्रांट से देने का प्रावधान था। अब इसमें संशोधन कर अन्य सभी निजी हाउसिंग सोसाइटी को भी इस योजना में शामिल किया गया है और लोकभागीदारी राशि को बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। शहरी विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में जल संसाधन संरक्षण और जल संचय के उपायों के लिए विभिन्न अभियान शुरू किए हैं। नए प्रस्ताव का उद्देश्य शहरों में जल संचय के साधनों को विकसित करना है, ताकि बड़ी मात्रा में वर्षा का पानी जमीन में समा सके, जल स्तर बढ़े और शहरों में पानी की समस्या से राहत मिल सके।

