गांधीनगर। गांधीनगर के गुजरात विद्यापीठ, सादरा परिसर में त्रि-दिवसीय खेल भारती-2025 का शुभारंभ राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मशाल प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने 1100 से अधिक बच्चों को रोजमर्रा में खेलकूद अपनाने और पसंदीदा खेल के लिए एक घंटा समर्पित करने की सलाह दी, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को सशक्त बनाते हैं, सहकारिता और समन्वय की भावना विकसित करते हैं, जिससे वे अवसाद और मोटापे से मुक्त रहते हैं। राज्यपाल ने बच्चों से अपने माता-पिता को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने और स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि स्वस्थ और विकसित भारत का निर्माण हो। उन्होंने कहा कि खेल का मैदान जीवन के सबक सिखाता है और जीत-हार स्थायी नहीं होती। पूर्व शिक्षा मंत्री भूपेंद्रसिंह चूड़ासमा ने कहा कि मैदान जीवन के पाठ पढ़ाता है और तंदुरुस्ती के लिए खेल जरूरी हैं। कुलपति डॉ. हर्षद पटेल ने सादरा के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मल्लखंभ, तलवारबाजी, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। सांसद हसमुखभाई पटेल, विधायक अल्पेश ठाकोर, सरपंच महेंद्रभाई रावल, शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

