सूरत । सूरत ने अंगदान के क्षेत्र में नया कीर्तिमान रच दिया। सोमवार को एक ही दिन, एक ही शहर में चार ब्रेनडेड मरीजों के कुल 20 अंगों का सफल दान हुआ, जो भारत में अपनी तरह की पहली घटना है। इन अंगों से कई मरीजों को नया जीवन मिलेगा।खास संयोग यह कि यह अद्भुत घटना अंगदान जनजागृति चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक दिलीपदादा देशमुख के जन्मदिन पर हुई। नई सिविल अस्पताल में 48 वर्षीय कैलास आहिरे (महाराष्ट्र) ने किडनी-लीवर-कॉर्निया, नाना वराछा की AAIHMS अस्पताल में 46 वर्षीया ईलाबेन प्रजापति व 55 वर्षीय मनुभाई काछा ने दोनों किडनी-लीवर व 4 कॉर्निया, जबकि कतारगाम की किरण अस्पताल में 68 वर्षीय छगनलाल ने 2 आंखें, 2 किडनी व लीवर दान किए।जन्मदिन के मौके पर नई सिविल में नर्सिंग एसोसिएशन ने दिलीपदादा की प्रेरणा से 151 सफाईकर्मी बहनों व सुरक्षाकर्मियों को कंबल भेंट किए। साथ ही आकाश में शांतिदूत गुब्बारे उड़ाकर अधिकतम अंगदान का संदेश दिया।सिविल के इंचार्ज सुप्रिटेंडेंट डॉ. ऋतंभरा मेहता, डॉ. पारूल वडगामा, डॉ. निलेश काछड़िया, डॉ. केतन नायक समेत पूरी टीम ने परिजनों को प्रेरित कर यह पुण्य कार्य संभव किया। ट्रस्ट के इकबाल कडीवाला ने कहा, “हमारा सपना है कि अंगदान जन-आंदोलन बने।”दिलीपदादा के जन्मदिन पर चार परिवारों ने जो नेक काम किया, उससे उनकी जिंदगी सार्थक उजाला बन गई।

