पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में बढ़ी SIR की समयसीमा
बाकी राज्यों का ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को पब्लिश होगा
नई दिल्ली। चुनाव आयोग आज विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अहम फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश अंडमान निकोबार में एसआईआर की समय सीमा को बढ़ाया है। जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 26 दिंसबर तक एसआईआर प्रक्रिया की समयसीमा को बढ़ाई गई है। वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 18 दिसंबर तक ये प्रक्रिया जारी रहेगी। तमिलनाडु और गुजरात में 14 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे। आयोग का मानना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना प्राथमिकता है, इसलिए अतिरिक्त समय देना आवश्यक हो सकता है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की समयसीमा में संशोधन किया है और अंतिम प्रकाशन की तिथि को पहले की निर्धारित तिथि से बदलकर 14 फरवरी, 2026 कर दिया है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक आदेश में, चुनाव आयोग ने कहा कि बड़े पैमाने पर जनगणना कार्य और राज्य भर में मतदान केंद्रों के उचित सत्यापन और युक्तिकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विस्तार प्रदान किया गया है। आयोग ने बताया कि गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए समयसीमा गुरुवार को ही समाप्त होगी और ड्राफ्ट मतदाता सूची 16 दिसंबर को पब्लिश की जाएगी। केरल में पहले ही अखिरी तारीख 18 दिसंबर कर दी गई थी जिसका ड्राफ्ट 23 दिसंबर को पब्लिश होगा। चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को SIR की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ाने का फैसला किया था। आयोग ने कहा था कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी।मतदाता जोड़ने-हटाने का एन्यूमरेशन पीरियड यानी वोटर वेरिफिकेशन अब 11 दिसंबर तक चलेगा, जो पहले 4 दिसंबर तक तय था। वहीं, पहले ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर को जारी होनी थी, लेकिन अब इसे 16 दिसंबर को जारी किया जाएगा।
बेलन, चिमटा और खंती के साथ लड़ाई के लिए रहें तैयार वोटर लिस्ट से नाम कटने पर ममता का महिलाओं को संदेश
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर गुरुवार को चुनाव आयोग व भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए राज्य की महिलाओं से कहा कि अगर मतदाता सूची से उनके नाम हटा दिए जाते हैं, तो वे बेलन, खंती जैसे रसोई के औजारों के साथ लड़ाई के लिए तैयार रहें। नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि क्या आप ‘श्रीमान’ के नाम पर माताओं और बहनों के अधिकार छीन लेंगे? ममता ने कहा कि चुनाव के दौरान दिल्ली से पुलिस बुलाकर माताओं और बहनों को डराया-धमकाया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से कहा कि माताओं और बहनों, अगर एसआइआर में आपके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए, तो आपके पास हथियार तो हैं ना? खाना बनाते समय इस्तेमाल होने वाले औजार (हथियार)। आपके पास ताकत है ना? अगर आपके नाम काट दिए गए, तो आप इसे बर्दाश्त नहीं करेंगी ना? ममता ने कहा कि महिलाएं आगे बढ़कर लड़ेंगी और पुरुष उनके साथ पीछे खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि वह देखना चाहती हैं कि कौन अधिक शक्तिशाली हैं- महिलाएं या भाजपा। उन्होंने आरोप लगाया कि मैं सांप्रदायिकता में विश्वास नहीं करती। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करती हूं। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि जब भी चुनाव आते हैं, भाजपा पैसे का इस्तेमाल करके और दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर जनता को बांटने की कोशिश करती है।

