वॉशिंगटन
अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में शामिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो को फिर से जारी कर दिया है। इसमें मेलानिया ट्रम्प की भी तस्वीर है। डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस फोटो में एपस्टीन मामले के किसी भी पीड़ित को नहीं दिखाया गया है।न्यूयॉर्क के सरकारी वकीलों ने पहले इस तस्वीर पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि इससे पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा हो सकता था। इसलिए एहतियात के तौर पर इस तस्वीर समेत कुल 16 फाइलों को कल वेबसाइट से हटा दिया गया था। जांच के बाद ऐसा कोई खतरा नहीं मिला, इसलिए फोटो को बिना किसी बदलाव के दोबारा जारी कर दिया गया।इससे पहले CNN ने बताया था कि एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में से कई फाइलें वेबसाइट से हटा दी गई थीं। इनमें ट्रम्प की यह फोटो भी शामिल थी। कुछ अन्य फाइलों में आपत्तिजनक तस्वीरें और नोट्स थे। तस्वीर हटाने के बाद डेमोक्रेट नेताओं ने आरोप लगाए कि सरकार ट्रम्प को बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने साफ कहा कि इसका ट्रम्प से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि पीड़ितों के अधिकारों से जुड़े समूहों ने फोटो हटाने को कहा था, ताकि सही जांच हो सके।जस्टिस डिपार्टमेंट ने कहा है कि वह पूरी पारदर्शिता रखता है और सिर्फ वही जानकारी हटाता है जो कानून के मुताबिक जरूरी हो। डिपार्टमेंट को पीड़ितों, नाबालिगों और संवेदनशील जानकारी की पहचान छिपानी होती है। DOJ ने यह भी साफ किया कि किसी बड़े या राजनीतिक व्यक्ति को बचाने के लिए कोई जानकारी नहीं हटाई जाएगी।DOJ के पास कुछ ऐसे लोगों ने अपील दर्ज की है, जो खुद को पीड़ित बताते हैं और कुछ जानकारी हटाने की मांग करते हैं। ऐसे मामलों में कंटेंट को अस्थायी तौर पर हटाकर जांच की जाती है और जरूरत पड़ने पर सही बदलाव के साथ फिर जारी किया जाता है।

