भारत ने जताई थी चिंता
थाईलैंड और कंबोडिया की बॉर्डर पर थाई सेना ने भगवान विष्णु की एक मूर्ति तोड़ दी, जिस पर भारत ने चिंता जताई. थाईलैंड ने इस मामले पर स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि हिंदू देवता की मूर्ति जहां स्थापित थी वह जगह रिलीजियस प्रक्टिस के लिए रजिस्टर्ड नहीं थी. इसके अलावा थाईलैंड ने इसे सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा भी बताया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमने हाल के समय में बनाई गई एक हिंदू देवता की मूर्ति को तोड़े जाने की खबरें देखी हैं, जो थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद से प्रभावित क्षेत्र में स्थित थी. हिंदू और बौद्ध देवताओं को पूरे क्षेत्र में लोग गहरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजते हैं और यह हमारी साझा सभ्यतागत विरासत का हिस्सा है.’उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय दावों से इतर, इस तरह के अपमानजनक कृत्य दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘हम एक बार फिर दोनों पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे शांति बहाल करने, जान-माल और संपत्ति, विरासत को होने वाले नुकसान से बचने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाएं.’कंबोडिया ने इसे लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि मूर्ति उसके इलाके में थी, जिसे थाईलैंड ने अवैध तरीके से गिरा दिया. कंबोडिया के प्रीह विहार प्रांत के सरकारी प्रवक्ता किम चानपनहा ने दावा किया कि इस मूर्ति को 2014 में थाईलैंड की सीमा से करीब 100 मीटर दूर बनाया गया था.

