नई दिल्ली
वीर बाल दिवस पर शुक्रवार को 20 बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया। यह अवॉर्ड राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिए। अलग-अलग क्षेत्र में बेहतरीन और बहादुरी के कामों की वजह से इन बच्चों को 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चुना गया।14 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी इनमें शामिल हैं। आज दिल्ली आने की वजह से वे विजय हजारे टूर्नामेंट में मणिपुर के खिलाफ मैच नहीं खेल रहे हैं। 20 बच्चों में से 2 बच्चों को मरणोपरांत पुरस्कार दिया गया।तमिलनाडु की ब्योमा और बिहार के कमलेश कुमार का पुरस्कार उनके माता-पिता ने लिया। पीएम मोदी ने भी विजेता बच्चों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जेन जी और जेन अल्फा ही हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे।वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह के 4 बेटों की शहादत के सम्मान में मनाते हैं। गुरु गोविंद सिंह के तीन पत्नियों से चार बेटे थे, जिनका नाम अजीत, जुझार, जोरावर और फतेह था। इन्हें साहिबजादे भी कहा जाता है। पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं भारत के युवाओं से यही अपेक्षा करता हूं कि बड़े सपने देखें, कड़ी मेहनत करें और अपने आत्मविश्वास को भी भी कमजोर न पड़ने दें। भारत का भविष्य उसके बच्चों और युवाओं के भविष्य से ही उज्जवल होगा। उनका साहस, उनकी प्रतिभा और उनका समर्पण राष्ट्र की प्रगति को दिशा देगा। इसी विश्वास के साथ, इसी जिम्मेदारी के साथ और इसी निरंतर गति के साथ भारत अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ता रहेगा।’ पीएम ने कहा- आज फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग पर है। बच्चों में रटने के बजाए, सोचने की आदत विकसित हो। उनमें सवाल पूछने का साहस और समाधान खोजने की क्षमताएं विकसित हों। इसके लिए पहली बार इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं। हर सेक्टर में युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। आज भारत के सामने परिस्थितियां अभूतपूर्व हैं। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। आने वाले 25 वर्ष भारत की दिशा तय करने वाले हैं। पीएम ने अपने संबोधन में कहा- आपको अपनी सफलता को केवल अपने तक सीमित नहीं मानना है। आपका लक्ष्य होना चाहिए कि आपकी सफलता देश की सफलता बने। आज युवाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर नई पॉलिसी बनाई जा रही है। युवाओं को राष्ट्र के निर्माण में केंद्र में रखा गया है।

