- कवियों ने राष्ट्रभक्ति और साहित्य के संगम से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
- गुजरात-राजस्थान मैत्री संघ के संयोजक नरेंद्र सिंह राजपुरोहित ‘आऊवा’ द्वारा लिखित पुस्तक “सूर्यवंशी- मेवाड़ महाकाव्य” के प्रथम सर्ग का विधिवत लोकार्पण किया गया
अहमदाबाद
‘गुजरात राजस्थान मैत्री संघ’ एवं ‘हिंदी समाज गुजरात’ द्वारा भारत रत्न, परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में भव्य “अटल राष्ट्रीय कवि सम्मेलन” का गौरवपूर्ण आयोजन किया गया। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के माध्यम से अटल जी की अमर स्मृतियों को नमन किया गया। प्रमुख अतिथियों का जमावड़ा: इस भव्य कार्यक्रम में मंत्री दर्शनाबेन वाघेला, विधायक अमित भाई ठाकर, विधायक कौशिक भाई जैन तथा भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डॉ. अनिल भाई पटेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही आरएसएस प्रचारक, सामाजिक अग्रणी, उद्योगपति, व्यापार जगत की दिग्गज हस्तियां, भाजपा पदाधिकारी, कुलपति एवं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कवियों की ओजस्वी वाणी से मंत्रमुग्ध हुए। सम्मेलन का प्रभावी संचालन राव अजातशत्रु ने किया, जिनके राजस्थान पर आधारित गीतों को भारी सराहना मिली। कवि सुमित ओरछा ने सनातन और राम नाम की महिमा का बखान किया, वहीं कवि अर्जुन अल्हड़ (चेचक) ने हास्य रस की फुहारों से श्रोताओं को गुदगुदाया। वीर रस के कवि अशोक चारण ने पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी रोषपूर्ण कविता पढ़ी, जिसे सुनकर पंडाल में जोश भर गया। कोटा से आईं कवियित्री कोमल नाजुक ने श्रृंगार रस और सूरत की सोनल जैन ने अपनी सुमधुर कविताओं से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र सिंह राजपुरोहित ‘आऊवा’ द्वारा लिखित पुस्तक “सूर्यवंशी- मेवाड़ महाकाव्य” के प्रथम सर्ग का विधिवत लोकार्पण किया गया। लेखक ने बताया कि यह पुस्तक मेवाड़ के इतिहास का एक काव्यात्मक दस्तावेज है। उपस्थित श्रोताओं ने पुस्तक के प्रति भारी उत्साह दिखाया। आयोजक का वक्तव्य: गुजरात राजस्थान मैत्री संघ के संयोजक श्री नरेंद्र सिंह पुरोहित ने जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन अटल जी के पदचिन्हों पर चलने और संगठन के भाव को जागृत करने के उद्देश्य से किया जाता है। देश भर से आए कवियों ने अपनी सारगर्भित प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्र भावना और सांस्कृतिक विरासत का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

