गांधीनगर । राज्य में वर्ष 2025 के अंतिम दिन मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में बेमौसम बारिश हुई है। सुबह से ही पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना बिजली की कड़कड़ाहट के धीमी गति से बारिश शुरू होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह से छाया रहा बादलों का डेरा आज सुबह से ही पूरे क्षेत्र में काले घने बादल छाए हुए थे। इसके बाद पोरबंदर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हल्की बारिश की बौछारें पड़ीं। द्वारका जिले के कल्याणपुर, जामनगर-खंभालिया और आसपास के गांवों में भी रिमझिम बारिश के कारण सड़कें गीली हो गईं। इस बेमौसम बारिश (मावठा) की वजह से वातावरण में अचानक ठंडक बढ़ गई है। भीषण ठंड के बीच हुई इस बारिश के कारण सबसे ज्यादा चिंता ‘जगत के तात’ (किसानों) को सता रही है। वर्तमान में रबी की फसल अपनी मुख्य अवस्था में है, ऐसे में यह बेमौसम बारिश हानिकारक साबित हो सकती है। जीरा और चने की फसल में फफूंद लगने और फसल खराब होने का डर है। तैयार होने वाली धनिया और गेहूं की फसल को भी इस बारिश से नुकसान होने की संभावना है। मार्केटिंग यार्ड में खुले में पड़े किसानों के अनाज को भीगने से बचाने के लिए अधिकारियों द्वारा तत्काल निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव में अभी अगले 24 घंटों के दौरान कच्छ, जामनगर, मोरबी, बनासकांठा और पाटन जिलों में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

