अहमदाबाद । भारत में रेल परिवहन का सफर अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। 1853 में शुरू हुई मानव-संचालित ट्रेनों के बाद, अब देश के प्रमुख शहरों—अहमदाबाद और बेंगलुरु—में जल्द ही बिना ड्राइवर वाली ‘स्वचालित’ मेट्रो ट्रेनें दौड़ती नज़र आएंगी। हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कोलकाता के पास टिटागढ़ रेल सिस्टम प्लांट में पहली ‘मेक इन इंडिया’ ड्राइवरलेस मेट्रो का अनावरण किया। गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (GMRC) ने ऐसी 10 आधुनिक ट्रेनों का ऑर्डर दिया है, जिनमें से पहली ट्रेन जल्द ही अहमदाबाद पहुँचने वाली है। शेष 9 ट्रेनें अगले 6 महीनों में प्राप्त होंगी। आधुनिक तकनीक और सुरक्षा यह ट्रेन ‘ग्रेड ऑफ ऑटोमेशन-4’ (GoA-4) तकनीक पर आधारित है, जो इसे बिना ड्राइवर के पूरी तरह स्वचालित रूप से संचालित करने की क्षमता देती है। उच्च गुणवत्ता वाले स्टेनलेस स्टील से निर्मित यह ट्रेन वजन में हल्की और एडवांस फायर सेफ्टी सिस्टम से लैस है। खास बात यह है कि इसका इंटीरियर अहमदाबाद की समृद्ध संस्कृति को दर्शाता है, जिससे यात्रियों को आधुनिकता के साथ अपनी विरासत का अनुभव होगा।

