गांधीनगर । गुजरात में प्रकृति के दोहरे मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य में भीषण ठंड के बीच लगातार दूसरे दिन हुई बेमौसम बारिश (मावठा) ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आज, 1 जनवरी 2026 को नवसारी, सूरत के हजीरा और पाटन सहित राज्य के कई हिस्सों में तड़के बारिश दर्ज की गई। खेती और बागवानी पर संकट इस बेमौसम बरसात से रबी फसलों और बागवानी को भारी नुकसान की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं और चने की खड़ी फसल गिरने का डर है। सौराष्ट्र और कच्छ में भी असर पिछले 24 घंटों के दौरान अहमदाबाद में बादल छाए रहे, जबकि राजकोट, पोरबंदर, द्वारका और कच्छ के नखत्राणा में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने से उत्तर गुजरात और सौराष्ट्र के कुछ जिलों में आज भी मौसम खराब रह सकता है। राहत की बात यह है कि 2 जनवरी से 5 जनवरी 2026 के बीच पूरे गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और केंद्र शासित प्रदेशों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, इस बारिश के बाद आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड और बढ़ने की संभावना है।

