अब तक 273 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का हुआ निपटान
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार शहरों को ‘ग्रीन और क्लीन’ बनाने के लिए वर्षों पुराने कचरे (लिगेसी वेस्ट) के निपटान में देश के बड़े राज्यों में अग्रणी बनकर उभरी है। राज्य सरकार ने मार्च 2026 तक 100% लिगेसी वेस्ट निपटान का लक्ष्य रखा है। अब तक राज्य में कुल चिन्हित 304.09 लाख मीट्रिक टन कचरे में से 273.33 लाख मीट्रिक टन का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा चुका है। इस अभियान के परिणामस्वरूप राज्य में लगभग 902 एकड़ भूमि खाली हुई है, जिसका उपयोग प्रोसेसिंग प्लांट और मियावाकी वन विकसित करने के लिए किया जा रहा है। विशेष रूप से अहमदाबाद की बोपल-घूमा और राजकोट की नाकरावाड़ी डम्प साइट को साफ कर वहां वन बनाए गए हैं। सरकार ने ‘निर्मल गुजरात 2.0’ योजना के तहत इस कार्य के लिए 75 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस पहल से न केवल मीथेन गैस के उत्सर्जन में कमी आई है, बल्कि डम्प साइटों पर आग लगने की घटनाओं पर भी लगाम लगी है।

