गांधीनगर। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य सुदूरवर्ती और अंतिम छोर पर रहने वाले नागरिकों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुँचाना है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राजपीपळा, मोरबी, नवसारी, गोधरा और पोरबंदर में बन रहे पाँच नए मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और हॉस्टलों का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे आदिवासी क्षेत्रों और सौराष्ट्र के दूरदराज के गांवों के लोगों को अपने घर के पास ही विशेषज्ञ उपचार मिल सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हेल्थकेयर फॉर ऑल’ के दृष्टिकोण को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात में 7,733 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का नेटवर्क आयुर्वेद और होम्योपैथी सहित होलिस्टिक हेल्थकेयर को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत मिशन के तहत: 410 अर्बन हेल्थ सेंटर्स और 33 जिलों में आधुनिक लैब का निर्माण जारी है। 32 जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स पर काम चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में 302 सब-सेंटर्स और 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नए भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। पटेल ने ‘आयुष्मान भारत-मा’ योजना में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग और पारदर्शिता पर जोर दिया। वर्तमान में राज्य में 2.69 करोड़ लोग इस योजना से पंजीकृत हैं, जिन्हें 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिल रहा है। साथ ही, 3.44 लाख माताओं को प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत पोषण सहायता दी जा रही है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव राजीव टोपनो सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्यों को समयसीमा में पूरा करने और स्वस्थ गुजरात के संकल्प को साकार करने के निर्देश दिए।

