- बड़े उद्योगों के लिए ‘कैपिटल सब्सिडी’ की वापसी; स्थानीय रोजगार नियमों में ढील और MSME को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
गांधीनगर । गुजरात सरकार जल्द ही अपनी नई औद्योगिक नीति घोषित करने जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य को भविष्य के अत्याधुनिक उद्योगों का वैश्विक केंद्र बनाना है। इस नई नीति के तहत सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, ड्रोन निर्माण और न्यूक्लियर पावर जैसे ‘न्यू एज’ क्षेत्रों को ‘थ्रस्ट सेक्टर’ के रूप में प्राथमिकता दी गई है। नीति की सबसे बड़ी विशेषता बड़े उद्योगों के लिए कैपिटल सब्सिडी की वापसी है, जिसके तहत अब बड़े प्रोजेक्ट्स को भी उनके निवेश का 20 प्रतिशत तक प्रोत्साहन मिल सकता है। साथ ही, 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों को देखते हुए खेल उपकरणों के निर्माण को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। उद्योग जगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने रोजगार नियमों में भी बड़े बदलाव प्रस्तावित किए हैं। एरोस्पेस और डिफेंस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में स्थानीय रोजगार की अनिवार्यता को 85% से घटाकर 50% करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, खिलौना निर्माण, ब्लू इकोनॉमी और ई-वेस्ट रिसाइक्लिंग जैसे उभरते क्षेत्रों को भी नीति में विशेष स्थान मिला है। 2,500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाले रणनीतिक प्रोजेक्ट्स के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ‘कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज’ को मंजूरी देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन साहसिक सुधारों से गुजरात में वैश्विक निवेश को नई गति मिलेगी और राज्य का औद्योगिक ढांचा और अधिक मजबूत होगा।

