- ‘विश्व हिंदी दिवस’ एवं पत्रकारिता कार्यशाला का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न
- एक हृदय हो भारत जननी: सत्यम जोषी
अहमदाबाद
गुजरात प्रान्तीय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित ‘विश्व हिंदी दिवस’ एवं पत्रकारिता कार्यशाला का समापन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में समिति के संयोजक सत्यम जोषी, प्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ. सुभाष ब्रह्मभट्ट एवं आचार्य अशोक पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के संस्थापक स्वर्गीय जेठालाल जोशी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण को याद करते हुए कहा कि गुजरात की धरती पर हिंदी के प्रचार-प्रसार का जो बीज उन्होंने बोया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उनके द्वारा स्थापित आदर्शों और हिंदी के प्रति उनके समर्पण को ही आज की युवा पीढ़ी आगे बढ़ा रही है। गुजरात प्रान्तीय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के संयोजक श्री सत्यम जोषी ने “एक हृदय हो भारत जननी” का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदी केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि हमारी पहचान की सुरक्षा है। उन्होंने संकल्प दिलाया कि पत्रकारिता में हिंदी की सरलता और गरिमा को सदैव प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि अपनी भाषा में बोले गए शब्द ही राष्ट्र की वास्तविक आवाज बनते हैं। मुख्य अतिथि डॉ. सुभाष ब्रह्मभट्ट ने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने की सलाह दी। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। प्रतिदिन एक घंटा हिंदी के बारे में पढ़ना, लिखना और चिंतन करना अनिवार्य है। डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से भी हिंदी के प्रचार-प्रसार की योजनाएं बनाई जानी चाहिए वर्तमान समाचार पत्रों की बारीकियों को समझना एक अच्छे पत्रकार के लिए आवश्यक है। आचार्य अशोक पटेल ने हिंदी की वर्तमान प्रासंगिकता और इसके वास्तविक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को भाषा के प्रति ईमानदार रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन लोकेश शर्मा ने किया, जिन्होंने अपने शब्दों से पूरे आयोजन को सूत्रबद्ध किया। सत्र के अंत में, डॉ. योगेश राजगोर ने सभी मुख्य अतिथियों, उपस्थित विद्वानों और विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। gujaratvaibhav.com

