वॉशिंगटन
भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर अमेरिकी ट्रेड अधिकारी जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिलने वाला है। उनके मुताबिक, यह डील कई मायनों में भारत के पक्ष में झुकी हुई है।ग्रीर ने फॉक्स बिजनेस को दिए इंटरव्यू में कहा कि समझौते के लागू होने के बाद भारत को यूरोपीय बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी और कुल मिलाकर भारत टॉप पर रहेगा। उन्होंने कहा,मैंने अब तक डील के कुछ डिटेल्स देखे हैं। ईमानदारी से कहूं तो इसमें भारत को फायदा मिलता दिख रहा है। भारत को यूरोप के बाजार में ज्यादा पहुंच मिल रही है। ग्रीर ने यह भी कहा कि भारत-EU फ्री ट्रेड डील का एक बड़ा कारण अमेरिका की बदलती व्यापार नीति है। उनके मुताबिक, अमेरिका अब घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही दूसरे देशों को अमेरिकी बाजार तक आसानी से पहुंच नहीं दे रहा।ग्रीर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया और विदेशी देशों से आने वाले सामान पर शुल्क जैसे कदम उठाए गए। इससे कई देश, खासकर यूरोपीय यूनियन, अपने उत्पाद बेचने के लिए नए बाजार तलाशने लगे हैं।वहीं ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ ने भारत के लिए इस समझौते की तारीफ की है। द टेलीग्राफ ने लिखा है कि यूरोपियन कमीशन FTA को अपनी बड़ी जीत बता रहा है, लेकिन हकीकत में इस समझौते के सबसे बड़े विजेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माने जा रहे हैं।अखबार के मुताबिक यूरोपियन यूनियन ने इस समझौते के लिए भारत और रूस की करीबी दोस्ती को नजरअंदाज कर दिया है। पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से नजदीकी जगजाहिर है, इसके बावजूद EU ने भारत से व्यापार बढ़ाने का रास्ता चुना।

