अमरावती
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ईडी ने घी में कथित मिलावट घोटाले की जांच के लिए धन शोधन का मुकदमा दर्ज किया है। यह केस धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया है ताकि अवैध तरीके से कमाए गए पैसों की जांच हो सके। अधिकारियों ने बताया कि ईडी इस मामले में सीबीआई की अगुवाई वाली विशेष जांच दल (एसआईटी) के हाल ही में फाइल की गई एफआईआर, दस्तावेज और चार्जशीट को देख रहा है। एसआईटी ने इस मामले में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के नौ अधिकारियों और पांच डेयरी एक्सपर्ट्स समेत 36 लोगों को आरोपी बनाया है। एसआईटी की जांच में सामने आया है कि भगवान वेंकटेश्वर मंदिर को घी बताकर जो सामान बेचा गया, वह असल में केमिकल से प्रोसेस किया हुआ पामोलिन तेल और अन्य चीजें थीं। अब ईडी यह पता लगाएगी कि आरोपियों ने मिलावटी घी बेचकर पैसे कैसे कमाया। एजेंसी को शक है कि इसमें हवाला के जरिए पैसों का लेन-देन हुआ है और फंड का गलत इस्तेमाल किया गया है।

