ओम बिरला अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होने तक लोकसभा नहीं जाएंगे, 118 सांसदों के दस्तखत, राहुल ने नहीं किए हस्ताक्षर, 9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा होगी, कांग्रेस राहुल के खिलाफ लाए प्रस्ताव: भाजपा
नई दिल्ली(वी.एन.झा)।
विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ही इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया कि स्पीकर को पद से हटाने के नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष का हस्ताक्षर करना संसदीय लोकतंत्र में सही नहीं है। इसी वजह से राहुल गांधी ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया। नोटिस में विपक्ष ने कहा है, लोकसभा स्पीकर लगातार विपक्षी सांसदों को जनहित के मुद्दे उठाने से रोक रहे हैं। नोटिस में बताया गया कि अनुच्छेद 94(सी) के तहत नोटिस दिया गया है क्योंकि स्पीकर खुलेआम पक्षपात कर रहे हैं। विपक्ष के आठ सांसदों को मनमाने ढंग से निलंबित कर दिया गया है; उन्हें केवल लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने के लिए दंडित किया जा रहा है। कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने की अनुमति ही नहीं दी गई, जबकि यह उनका मौलिक अधिकार है।कांग्रेस सांसद और चीफ व्हिप के सुरेश ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस दिया। टीएमसी के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं और न ही वे इस नोटिस का हिस्सा हैं। वहीं, संसद के बाहर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा के विपक्ष नेता राहुल गांधी के बयान पर कहा कि सबसे गलत और झूठ बोलने वाले व्यक्ति तो राहुल गांधी हैं। कांग्रेस जब तक उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगी तब तक कांग्रेस का भविष्य में कुछ नहीं होने वाला है।लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अपने खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय होने तक सदन में नहीं आने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक, जब तक उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर सदन में चर्चा और उस पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक वह लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे. हालांकि, संसदीय नियमों में ऐसी कोई बाध्यता नहीं है, इसके बावजूद ओम बिरला ने स्वयं सदन में न जाने का फैसला किया है. नोटिस मिलने के मात्र एक घंटे के भीतर स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि उन्हें पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस की जांच करें.ओम बिरला ने महासचिव को निर्देश दिया है कि वह इस नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें.इससे पहले बजट सत्र के 10वें दिन मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल में कार्यवाही नहीं हो सकी। 11 बजे सदन शुरू होते ही विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। महज 1 मिनट बाद चेयर पर मौजूद पीसी मोहन 12 बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया।दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। इस बीच भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सांसद वी वॉन्ट जस्टिस के नारे लगाते रहे। इसके बाद सदन 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों से हाथ जोड़कर कहा कि बजट पर चर्चा होने दें। इससे हम सबका नुकसान हो रहा है। आप रोज आकर हंगामा करते हैं। ऐसे में काम नहीं हो पा रहा।दोपहर 2 बजे कार्यवाही शुरू हुई। शशि थरूर ने बजट पर चर्चा की शुरुआत की। संसद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि ये बजट दिशाहीन है। सरकार हर मोर्चे पर विफल है। इस सरकार में पीएम के क्षेत्र में भी विकास नहीं हो रहा है। काशी की विरासत को खत्म किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे दुख है हम काशी को क्योटो बनते नहीं देख पाए।
मौजूदा स्थिति यही है: नरवणे
नरवणे की किताब पब्लिश नहीं हुई: पेंगुइन , कंपनी झूठ बोल रही या नरवणे: राहुल
पूर्व सेना अध्यक्ष मनोज मुकंद नरवणे ने अपनी अप्रकाशित किताब को लेकर पहला बयान दिया है। उन्होंने एक्स पर किताब की प्रकाशक कंपनी पेंगुइन इंडिया के बयान का हवाला देते हुए लिखा, “किताब की मौजूदा स्थिति ये है।”पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बीते दिन स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा था कि जनरल नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन के सभी अधिकार उनके पास हैं और पुस्तक अभी तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है। इसके अलावा, प्रकाशक ने आज फिर ताजा बयान जारी किया है। पेंगुइन ने एक्स पर एक बयान में लिखा, “पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में बुक पब्लिशिंग कैसे काम करती है। एक अनाउंस की हुई किताब, एक प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध किताब और एक पब्लिश हुई किताब अलग-अलग बात है।” पेंगुइन ने फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के संदर्भ में लिखा, “किताब छापने का प्लान है। यह अभी पब्लिश नहीं हुई है या बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है। किताब प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है। प्री-ऑर्डर एक स्टैंडर्ड पब्लिशिंग प्रैक्टिस है। यह रीडर्स और रिटेलर्स को एडवांस ऑर्डर देने की सुविधा देता है। किताब अभी पब्लिश या उपलब्ध नहीं है।”प्रकाशक ने लिखा, “तय पब्लिकेशन तारीख का मतलब है कि किताब रिलीज़ के लिए प्लान है। इसका मतलब यह नहीं है कि किताब पब्लिश हो गई है। कोई किताब तभी पब्लिश होती है जब वह खरीदने के लिए रिटेल चैनल पर उपलब्ध हो। हम जो किताबें पब्लिश करते हैं, उनमें क्लैरिटी और ट्रांसपेरेंसी के लिए कमिटेड हैं।”इसके जवाब में राहुल गांधी ने लोकसभा के बाहर कहा- एमएम नरवणे ने X पर पोस्ट किया है, ‘हेलो दोस्तों, मेरी किताब अब अवेलेबल है। लिंक फॉलो करें। हैप्पी रीडिंग’। या तो एमएम नरवणे झूठ बोल रहे हैं, या पेंगुइन झूठ बोल रहा है। मैंने आर्मी चीफ पर विश्वास करना चुना।उन्होंने आगे कहा कि क्या आप एमएम नरवणे के बजाय पेंगुइन पर विश्वास करेंगे? किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं।
