होली पर इस साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को लगेगा। इस दिन होली का पर्व भी है, यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा ,साथ ही सूतक काल भी मान्य होगा।, बता दें कि चंद्रग्रहण सिंह राशि में लगने जा रहा है । चंद्र ग्रहण का आरंभ भारतीय समय अनुसार दोपहर में 3:20 पर आरंभ हो जाएगा और शाम में 6:45 पर यह ग्रहण समाप्त हो जाएगा ।हालांकि भारत में यह चंद्र उदय के समय ही देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण का सूतक कल सुबह में 6:20 पर ही आरंभ हो जाएगा। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान चंद्रमा और सूर्य पीड़ित अवस्था में रहते हैं ।वही जब ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाता है ,तो उस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य, पूजा पाठ या कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल के दौरान भगवान की पूजा अर्चना ना करें ,ना ही मूर्ति को स्पर्श करें ,अपने घर के मंदिर के कपाट भी बंद कर दें, यात्रा करने से थोड़ा परहेज करें, मानसिक पूजा कर सकते हैं ,अपने इष्ट देव का मन ही मन ध्यान करते हुए मंत्रों का जाप करें, पहले से बनी खाने-पीने की चीजों में तुलसी डाल दे या कुशा का प्रयोग करें। जब ग्रहण समाप्त हो जाए, तो पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर कर दे, अगर गंगा जल ना हो तो जल में थोड़ा सा नींबू का रस डालकर छिड़काव करे।
होलिका दहन 2 मार्च की है या 3 मार्च ?
ज्योतिष मत अनुसार पूर्णिमा 2 मार्च शाम 5:55 बजे से प्रारंभ होगी, वहीं पूर्णिमा की समाप्ति: 3 मार्च शाम 4:40 मिनट पर होगी। भद्राकाल का समय 2 मार्च शाम 5:55 बजे से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगा। जबकि होलिका दहन 3 मार्च किया जा सकेगा। शुभ मुहूर्त शाम 6:22 से 8:50 बजे तक रहेगा। वहीं, ज्योतिष मत अनुसार 4 मार्च को होली (धुलेंडी) खेली जायेगी ।

