अहमदाबाद
अहमदाबाद के भाडज स्थित हरे कृष्ण मंदिर में भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के 536वें जन्मोत्सव यानी ‘गौर पूर्णिमा’ की भव्य तैयारी की गई है. चैतन्य महाप्रभु को भगवान श्री कृष्ण का प्रच्छन्न (गुप्त) अवतार माना जाता है, जिन्होंने 500 वर्ष पूर्व मायापुर में अवतार लेकर कलियुग के धर्म ‘हरिनाम संकीर्णन’ का प्रचार किया था। 3 मार्च शाम 6 बजे से उत्सव का प्रारंभ होगा, जिसमें निताई गौरांग की प्रतिमा को फूलों से सजी पालकी में विहार कराया जाएगा। इसके पश्चात पंचामृत, पंचगव्य और विभिन्न फलों के रसों से महा-अभिषेक किया जाएगा। भगवान को 108 से अधिक व्यंजनों का ‘राजभोग’ अर्पित किया जाएगा. श्रद्धालुओं के लिए भव्य ‘भोजन महाप्रसाद’ और उपवास के अनुकूल ‘अनुकल्पा मिष्ठान’ की व्यवस्था रहेगी। मंदिर परिसर में महा-संकीर्तन के साथ ‘चिंतामणि’ नामक विशेष नाटक का मंचन भी किया जाएगा। दर्शन सुबह 7:15 से दोपहर 1:00 बजे तक और मुख्य महा-आरती रात 8:45 बजे होगी। मंदिर के अध्यक्ष जगनमोहन कृष्ण दासा ने सभी भक्तों को इस पावन अवसर पर आमंत्रित किया है।
