Friday, 30 January 2026

☰

SIGN IN
SUBSCRIBE NOW
Facebook Twitter Youtube Instagram Pinterest Linkedin Telegram
  • ePaper
Friday, 30 January 2026

☰

  • होम
  • राष्ट्र वैभव
  • खेल वैभव
  • व्यपार वैभव
  • हिंदी है हम
  • विश्वास न्यूज़
  • विडियो
  • Cross Word
  • #Neet Results
  • होम
  • राष्ट्र वैभव
  • खेल वैभव
  • व्यपार वैभव
  • हिंदी है हम
  • विश्वास न्यूज़
  • विडियो
  • Cross Word
  • #Neet Results
SUBSCRIBE NOW
SIGN IN

राज्य के 11 जिलों में 35000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शेरों की उपस्थिति

by Gujarat Vaibhav News Desk
August 9, 2025
in गुजरात वैभव
0
राज्य के 11 जिलों में 35000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शेरों की उपस्थिति
0
SHARES
70
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भाणवड तहसील के बरडा क्षेत्र में स्थित टींबडी में राज्य स्तरीय ‘विश्व शेर दिवस’ मनाया जाएगा
  • वर्ष 2007-08 से अब तक गीर, देवळिया तथा आंबरडी में कुल 9.61 लाख से अधिक पर्यटक आए, बरडा क्षेत्र में इको टूरिज्म विकास के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान

गांधीनगर
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुळुभाई बेरा की विशेष उपस्थिति में 10 अगस्त 2025 रविवार को सुबह 10 बजे देवभूमि द्वारका की भाणवड तहसील के टींबडा में कपूरडी-घुमली रोड क्षेत्र में राज्य स्तरीय ‘विश्व शेर दिवस’ भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्य के जल संसाधन मंत्री कुँवरजी बावळिया तथा वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री मुकेश पटेल अतिथि विशेष के रूप में उपस्थित रहेंगे। समग्र देश में एकमात्र गुजरात में बसने वाले एशियाई शेर राज्य के आभूषण-गौरव समान हैं। एशियाई शेर देश में केवल सौराष्ट्र क्षेत्र के लगभग 11 जिलों में प्राकृतिक वातावरण में मुक्त रूप से विचरण करते हुए पाए जाते हैं। राज्य में कुल 11 जिलों में लगभग 35000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शेरों की उपस्थिति दर्ज हुई है।वन विभाग के उपक्रम से सौराष्ट्र के 11 जिलों जूनागढ, गीर सोमनाथ, भावनगर, राजकोट, मोरबी, सुरेन्द्रनगर, देवभूमि द्वारका, जामनगर, अमरेली, पोरबंदर तथा बोटाद में ‘विश्व शेर दिवस’ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री मुळुभाई बेरा व वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री मुकेशभाई पटेल के निरंतर मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा गुजरात में शेरों के संरक्षण-संवर्धन के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। ‘विश्व शेर दिवस’ वर्ष मनाने की शुरुआत 2013 से हुई है। गुजरात में मनाए गए ‘विश्व शेर दिवस’ उत्सव को वर्ष 2016 में वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया, वर्ष 2017 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉड्स व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वर्ष 2019 में वर्ल्ड बुक ऑफ इंडिया एवं वर्ष 2022 में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला है। ‘बरडो’ (बरडा) के रूप में जाना जाने वाला ‘बरडा वन्यजीव अभयारण्य’ गुजरात के पोरबंदर तथा देवभूमि द्वारका जिलों में स्थित अति महत्वपूर्ण जैव विविधता वाले प्रदेशों में एक है। वर्ष 1979 में अभयारण्य के रूप में घोषित हुआ बरडा अतीत में पोरबंदर तथा जामनगर राजवंशों का शिकार क्षेत्र था। आज यह एशियाटिक शेरों के संरक्षण के लिए विकसित किए गए व्यापक दृष्टिकोण वाला महत्वपूर्ण आवास बन गया है।बरडा क्षेत्र शेरों के द्वितीय निवास स्थान के रूप में पहचान हासिल कर रहा है। इस बरडा अभयारण्य का कुल क्षेत्र 192.31 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 1879 के बाद वर्ष 2023 में एशियाटिक शेरों में से एक वयस्क नर प्राकृतिक रूप से इस क्षेत्र में आकर स्थायी हुआ। तब से आज इस क्षेत्र में शेरों की आबादी 6 वयस्क तथा 11 शावक सहित कुल 18 दर्ज हुई है।
इस क्षेत्र में जंगल सफारी शुरू करने के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। मार्च 2025 तक 2271 पर्यटकों ने इस सुविधा का लाभ लिया है। राज्य सरकार द्वारा देवळिया तथा आंबरडी के अलावा बरडा क्षेत्र में कुल 248 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जहाँ लगभग 60 करोड़ की लागत से सफारी सुविधा स्थापित करने का आयोजन किया गया है। साथ ही, बरडा क्षेत्र में इको टूरिज्म के विकास के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मई 2025 के दौरान राज्य में हुई शेर गणना के अनुमान के अनुसार शेरों की कुल आबादी वर्ष 2020 की तुलना में 32 प्रतिशत बढ़ी है। यानी शेरों की संख्या 674 से बढ़कर 891 दर्ज हुई है। पर्यटन की दृष्टि से देखें, तो वर्ष 2007-08 से 2024-25 तक गीर अभयारण्य, देवळिया तथा आंबरडी आए 9.61 लाख से अधिक पर्यटकों को एशियाटिक शेरों को नजदीक से निहारने का अवसर मिला है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगस्त 2020 में 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से शेरों के दीर्घकालीन संरक्षण के लिए कार्य करने का संकल्प तथा प्रतिबद्धता दर्शाकर देश में एशियाटिक शेरों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा की थी।भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 10 वर्ष के लिए कुल लगभग 2927.71 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है।

गीर का जंगल भव्य एशियाई शेरों के एक मात्र घर के रूप में विख्यात
गीर वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 1965 में की गई थी। इसके बाद 1975 में गीर राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की गई। गीर राष्ट्रीय उद्यान का क्षेत्र 258.71 वर्ग किलोमीटर है, जबकि गीर वन्यजीव अभयारण्य 1151.59 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। गीर जंगल में गीर राष्ट्रीय उद्यान, गीर वन्यजीव अभयारण्य, पाणिया वन्यजीव अभयारण्य, मितियाळा वन्यजीव अभयारण्य तथा तीन जिलों जूनागढ, गीर सोमनाथ तथा अमरेली तक फैला क्षेत्र शामिल हैं। गीर जंगल का अनूठा एवं विविधतापूर्ण इकोसिस्टम 631 दर्ज प्रजातियों के साथ वनस्पतियों की अति समृद्ध विविधता से युक्त है। प्राणीसृष्टि की विविधता में सस्तन प्राणियों की 41 प्रजातियाँ, पक्षियों की 338 प्रजातियाँ, सरिसृप वर्ग की 47 प्रजातियाँ शामिल हैं। इसके अलावा, केन्द्र सरकार द्वारा वन्यप्राणी स्वास्थ्य के लिए राष्ट्रीय स्तर के ‘नेशनल रेफरल सेंटर’ का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार द्वारा नवा पीपळिया में 20.24 हेक्टेयर भूमि भी आवंटित की गई है।

Gujarat Vaibhav News Desk

Gujarat Vaibhav News Desk

Next Post
भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर: मोदी

भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर: मोदी

Downloads

Android Apple
Footer -2

Follow Us

Facebook Twitter Youtube Instagram Pinterest Linkedin Telegram
  • Comics
  • Crosswords
  • Mah Jongg
  • Sudoku
  • Wordwipe
  • Horoscopes
  • Solitaire
  • TV Listing

About Us

  • Public Relations
  • Careers
  • Diversity & Inclusion
  • Newspaper in Education
  • Today's Paper
  • BrandStudio
  • Events
  • Policies & Standards

Get The Post

  • Home Delivery
  • Digital Subscription
  • Gift Subscription
  • Mobile & Apps
  • Newsletter & Alerts
  • Gujarat Vaibhav Post Live
  • Reprints and Permission
  • Post Store
  • Books & eBooks
  • eReplica

Help

  • Contact the Newsroom
  • Contact Customer Care
  • Reader Representative
  • Advertise
  • Licensing & Syndication
  • Request a Correction
  • Send a News Tip

Terms of Use

  • Digital Products Terms of Sale
  • Print Products Terms of Sale
  • Terms of Service
  • Privacy Policy
  • Submission & Discussion Policy
  • RSS Terms of Service
  • Ad Choices
Footer -2

Read our E-Paper

Developed by : India Online Business Solution

Add New Playlist

No Result
View All Result

© 2020 Gujarat Vaibhav | India Online Business Solutions

  • TRENDING TODAY
  • Gujarat
  • Rajasthan
  • Videos
  • Entertainment

Subscription

गरमागरम खबरे

E Paper

समाचार

  • राष्ट्र वैभव
  • विदेश वैभव

कोविड -19

  • वीडियो & Podcast
  • Expert वैभव
  • Report वैभव
  • विश्व Tracker

राज्य वैभव

  • गुजरात वैभव
  • राजस्थान वैभव
  • पंजाब वैभव
  • राजधानी वैभव
  • उत्तर प्रदेश वैभव
  • उत्तराखंड वैभव
  • मध्यप्रदेश वैभव
  • छत्तीसगढ़ वैभव
  • हरियाणा वैभव
  • बिहार वैभव
  • झारखंड वैभव
  • हिमाचल वैभव
  • महाराष्ट्र वैभव
  • दिल्ली वैभव

Commerce वैभव

  • Agro वैभव
  • Industry वैभव
  • Economy वैभव
  • वैभव Market
  • वैभव Budget 20-20

Crossword + "Free Games"

  • Comics
  • Sudoku
  • Mahjongg
  • Word Wipe
  • Solitaire

विचार विमर्श

  • Editorial वैभव
  • आपकी राइ
  • Columnist
  • वैभव Bloggers
  • Interviews
  • Cartoon
  • आपकी संपादक
  • News Correction

Sports Vaibhav

  • Athletic
  • Cricket
  • Football
  • Hockey
  • Motorsports
  • Tennis
  • Races
  • Other Sports

वैभव Entertainment

  • कला वैभव
  • Dance
  • चल चित्र
  • Theatre
  • Music
  • Reviews

समाज वैभव

  • History
  • सभ्यता एव संस्कृति

पुस्तक संसार

  • Authors
  • Reviews

बच्चो की प्यारी दुनियाँ

Lifestyle वैभव

  • Travel
  • Fashion
  • Food
  • Fitness
  • Homes
  • Luxury
  • Farming

Sci-Tech वैभव

  • Technology
  • विज्ञान वैभव
  • Environment

Edu वैभव

  • Career
  • College
  • School

Multimedia Vaibhav

वैभव विशेष

नारी विशेष

देश के जवान

हमारा आर्य समाज

वैभव धर्म

मैं भी पत्रकार

  • Classifieds
  • eBooks
  • Subscribe
  • About Us
Lost your password?