पटरी दुकानदारों को अब मिलेगा ज्यादा लोन, पीएम स्वनिधि योजना का किया विस्तार
नई दिल्ली (वी.एन.झा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में भारत के 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की बोली लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। सरकार ने अहमदाबाद को इस आयोजन के लिए “आदर्श शहर” बताते हुए कहा कि यहां विश्वस्तरीय स्टेडियम, अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधाएं और खेलों के प्रति जुनूनी माहौल मौजूद है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले भारतीय ओलंपिक संघ ने ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ जमा करने के बाद भारत की इस बोली को मंजूरी दी थी। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने युवा मामले और खेल मंत्रालय के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें भारत की ओर से 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की बोली लगाने की अनुमति मांगी गई थी।’ अगर यह बोली स्वीकार कर ली जाती है तो कैबिनेट ने साथ ही होस्ट कोलैबोरेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर, संबंधित मंत्रालयों और विभागों से जरूरी गारंटी उपलब्ध कराने और गुजरात सरकार को ग्रांट-इन-एड देने की भी मंजूरी दी है। 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की बोली लगाने की अंतिम तारीख 31 अगस्त है। नवंबर के आखिर में यह फैसला होगा कि मेजबानी मिलेगी या नहीं।बताया जा रहा है कि IOA अगले 48 घंटों में सभी प्रक्रिया पूरी कर देगा।अगर यह बोली सफल रहती है, तो भारत दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। कनाडा के रेस से बाहर हो जाने के बाद भारत के लिए 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। पिछले महीने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के डायरेक्टर डैरेन हॉल की लीडरशिप में एक टीम ने अहमदाबाद में मौजूद आयोजन स्थलों का दौरा किया था।साथ ही गुजरात सरकार के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की थी। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट वह संस्था है जो किसी देश को मेजबानी देने का फैसला करती है।। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था।
रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को अब ज्यादा लोन मिलेगा। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का विस्तार कर दिया है। योजना को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाया गया है। साथ ही इसका बजट अब 7,332 करोड़ रुपये होगा। अफसरों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसमें कहा गया है कि योजना के तहत पहली किस्त की ऋण सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है। जबकि दूसरी किस्त 20,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई है। तीसरी किस्त 50,000 रुपये पर रहेगी। अफसरों ने कहा कि समय पर अपना दूसरा ऋण चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। इसके अलावा खुदरा और थोक लेन-देन पर डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनने वाले विक्रेताओं को 1600 रुपये तक का प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। अब नई योजना के तहत 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडरों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा।अफसरों ने कहा कि योजना का कार्यान्वयन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। gujaratvaibhav.com

