गांधीनगर
गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत तूफानी रही। विधानसभा की बैठक शुरू होने से पहले कांग्रेस पार्टी की बैठक हुई, जिसमें सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की गई। इसके तहत आज मनरेगा घोटाले में मंत्री बच्छूभाई खाबड़ के इस्तीफे की मांग करते हुए प्लेकार्ड दिखाए गए और नारेबाजी की गई। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुजरात कांग्रेस ने विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की थी, लेकिन राज्य में भारी बारिश की स्थिति को देखते हुए यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। हालांकि, कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा की सीढ़ियों पर पोस्टर लेकर नारेबाजी की और मनरेगा घोटाले में बच्छूभाई खाबड़ की गिरफ्तारी और इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों पर पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। मनरेगा में भ्रष्टाचार और बच्छूभाई खाबड़ की गिरफ्तारी जैसे मुद्दों पर कांग्रेस विधायकों ने मांग उठाई।
रोड-रास्तों के मुद्दे पर इटालिया ने किया प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक गोपाल इटालिया ने पहली बार सदन में प्रवेश करने से पहले सड़कों की स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। विधानसभा सचिवालय के प्रवेश द्वार पर उन्होंने प्लेकार्ड दिखाकर विरोध
दर्ज किया।
मंत्री बचूभाई खाबड़ सदन में अनुपस्थित
गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पंचायत मंत्री बचूभाई खाबड़ सदन में अनुपस्थित रहे। चर्चा है कि उन्हें जानबूझकर सदन से दूर रखा गया, ताकि सरकार को विपक्ष की आलोचना का सामना न करना पड़े।
सरकार बिना पक्ष-विपक्ष भेद के जनता के विकास के लिए कार्यरत: ऋषिकेश पटेल
गुजरात सरकार पक्ष-विपक्ष को दरकिनार कर जनता के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। विधानसभा में टी.पी. स्कीम पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 776 टाउन प्लानिंग (टी.पी.) स्कीम मंजूर की गईं, जिसमें 2025 के 8 महीनों में ही 95 स्कीम स्वीकृत हुईं। इनकी कार्यवाही युद्धस्तर पर चल रही है। राज्य में नवनिर्मित नगरपालिकाओं और महानगरपालिकाओं में विकास कार्य शीघ्र शुरू होंगे। तकनीकी कारणों और कोर्ट मामलों के कारण कुछ स्कीम में विलंब हुआ, लेकिन सरकार इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में 506 नई टी.पी. स्कीम प्रगति पर हैं, जिन्हें नियमानुसार समयसीमा में अंतिम रूप दिया जाएगा।
पेश होने वाले विधेयक
मानसून सत्र में पेश होने वाले विधेयकों में श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग का ‘फैक्ट्री (गुजरात संशोधन) विधेयक, 2025’ , उद्योग और खान विभाग का ‘गुज रात जनविश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025’, वित्त विभाग का ‘गुजरात माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025’ , ‘गुजरात चिकित्सा संस्थान (पंजीकरण और नियमन) (संशोधन) विधेयक, 2025’ और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग का ‘गुजरात वैद्यकीय व्यवसायी (संशोधन) विधेयक, 2025’ शामिल हैं।

