7वें दिन 500+ फ्लाइट कैंसिल, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया
नई दिल्ली।
पिछले एक हफ्ते से इंडिगो संकट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। हवाई यात्रा करने वालों की शामत आ गई है। हजारों फ्लाइट रद होने के बाद लोगों को रिफंड से लेकर लगेज के लिए एयरपोर्ट पर घंटों लाइन लगाना पड़ा है। हालांकि, इस पूरी घटना पर सरकार की सख्त नजर थी। वहीं, अब केंद्रीय उड्डयन मंत्री ने संसद में इसपर बयान दिया है।केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पिछले दिनों जो भी हुआ, उसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाने वाली है। सरकार सभी एयरलाइंस के लिए एक उदाहरण सेट करेगी, जिससे भविष्य में ऐसा फिर कभी न हो। संसद में इंडिगो संकट पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा, “फ्लाइट में देरी या रद होने के कारण यात्रियों को जो भी असुविधा हुई है, उसके लिए सख्त सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CARs) बनाए गए हैं। सभी एयरलाइंस को इसका पालन करना होगा। सॉफ्टवेयर में खराबी को लेकर जांच शुरू की गई है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा, सरकार के दखल देने के बाद आपने खुद देखा कि पिछले 2 दिनों में चीजें सही होने लगी हैं। मामले की जांच की जा रही है। हम न सिर्फ इसपर सख्त कार्रवाई करेंगे, बल्कि भविष्य में भी सभी एयरलाइंस के लिए मिसाल पेश करेंगे।राम मोहन नायडू ने संसद में कहा, “हम पायलट्स, क्रू मेंबर्स और पैसेंजर्स का ख्याल रखते हैं। हमने सभी एयरलाइंस को साफ किया था। इंडिगो को क्रू और रोस्टर को मैनेज करना था। मगर, वो नाकामयाब रहे और इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। हम सभी एयरलाइंस के लिए मिसाल पेश करेंगे। हमने जांच शुरू कर दी है, मामले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ान सेवाएं सोमवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकीं हैं। दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद एयरपोर्ट से अब तक 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। एक दिन पहले भी एयरलाइन ने 650 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी थीं। इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने कहा- हालात रोज बेहतर हो रहे हैं। 10 दिसंबर तक ऑपरेशन नॉर्मल होने की उम्मीद है। इधर, सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत सरकार पहले ही इस मुद्दे पर एक्शन ले चुकी है। मामल की सुनवाई 10 दिसंबर को होगी।

