इस्लामाबाद
बलूचिस्तान के मुसखेल जिले में 8 लोगों को नंगे पैर जलते कोयलों पर चलने की सजा दी गई। समा टीवी के मुताबिक एक जिरगा ने दुकान में चोरी के शक में लोगों को सजा सुनाई और उन्हें अपनी बेगुनाही का सबूत देने को कहा।जिरगा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के कई इलाकों में चलने वाली एक पुरानी पारंपरिक पंचायत होती है, जहां बुजुर्ग या प्रभावशाली लोग आपस में बैठकर किसी विवाद या मामले का फैसला करते हैं।स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना सोमवार को हुई। इलाके के लोगों के मुताबिक, एक दुकानदार ने अपनी दुकान में चोरी का आरोप लगाया और इसके बाद उसने जिरगा बुला लिया।जिरगा ने फैसला किया कि सभी संदिग्धों को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जलते अंगारों पर चलना होगा। इसे बेहद अमानवीय और पिछड़ी हुई परीक्षा बताया गया है।ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है और कहा है कि 21वीं सदी में भी ऐसी हिंसक और पिछड़ी प्रथाएं होना बहुत चिंता का विषय है। कमीशन ने कहा कि ऐसी घटनाओं से कानून की प्रतिष्ठा कमजोर होती है।

