DGCA के सामने पेश हुए एयरलाइन के CEO,नया नियम: फ्लाइट उड़ने में 15 मिनट की देरी की जांच होगी
नई दिल्ली। एयरलाइन कंपनी इंडिगो 3-5 दिसंबर के बीच फ्लाइट कैंसिल की वजह से ज्यादा परेशान हुए पैसेंजर्स को रु. 10000 का ट्रैवल वाउचर देगी। हालांकि कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि ज्यादा परेशान का मतलब क्या है और किन यात्रियों को यह मुआवजा मिलेगा।एयरलाइन ने बताया कि यह वाउचर अगले 12 महीने तक किसी भी इंडिगो फ्लाइट की बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। साथ ही स्पष्ट किया कि यह मुआवजा उन 5000-10,000 रुपए के अलावा होगा, जो फ्लाइट उड़ाने के 24 घंटे के अंदर कैंसिल होने पर मिलता है।इधर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स गुरुवार को DGCA (नागरिक उड्डयन नियामक) के सामने पेश हुए हैं। DGCA ने गुरुवार को समन जारी कर निर्देश दिया था कि वे हाल ही में हुई उड़ानों में हुई अव्यवस्था (फ्लाइट डिसरप्शन) से जुड़ा पूरा डेटा और अपडेट पेश करें।इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशंस में आई दिक्कतों के बाद तकनीकी खामियों की निगरानी का पूरा ढांचा तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। उड़ानों में लगातार देरी, कैंसिलेशन और हालिया सुरक्षा घटनाओं ने डीजीसीए को डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम को जड़ से सख्त करने के लिए मजबूर किया है।12 पेज के नए आदेश के मुताबिक अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे ज्यादा की देरी होती है तो उसकी जांच अनिवार्य होगी। कंपनी को बताना होगा कि देरी क्यों हुई? उसे कैसे ठीक किया गया? दोबारा न होने के लिए क्या उपाय किए? ये ऐसे प्रावधान हैं, जो पहले लागू नहीं थे।कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की तुरंत सूचना डीजीसीए को फोन पर देनी होगी। 72 घंटे में विस्तार से रिपोर्ट भेजनी होगी। डिफेक्ट तीन बार दोहराए जाने पर उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जांच शुरू होगी।डीजीसीए ने यह सख्ती इसलिए की क्योंकि अब तक डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी। अभी तक 15 मिनट की देरी की जांच जैसी व्यवस्था नहीं थी और रिपीट डिफेक्ट की परिभाषा भी नहीं थी।

