गांधीनगर। गुजरात बायोटेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (GBU) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निशा सिंह ने अल्जाइमर रोग के अनुसंधान में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल ‘Small’ में प्रकाशित शोध में मल्टीफंक्शनल नैनोपार्टिकल आधारित थेरेपी प्रस्तुत की गई, जो मस्तिष्क में विषैले प्रोटीन जमा रोकने, न्यूरोनल क्षति, सूजन कम करने और मरम्मत पर एक साथ काम करती है।INST मोहाली के डॉ. जीबन ज्योति पांडा के नेतृत्व में NIPER रायबरेली और GBU की टीम ने यह शोध किया। डॉ. निशा ने गर्भावस्था के चुनौतीपूर्ण समय में भी कार्य जारी रखा, जो महिला शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। उन्हें फ्रेंच एम्बेसी की SSHN फेलोशिप और IGSTC-WISER ग्रांट मिली। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से पोस्ट-डॉक करने वाली डॉ. निशा के 65+ प्रकाशन और कई अवॉर्ड हैं। यह उपलब्धि विकसित भारत @2047 के विजन को मजबूत करती है।

