60 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी गई
गुजरात सरकार की ‘कुंवरबाई नू मामेरू’ योजना सुशासन का बेहतरीन उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों में अनुसूचित जाति की 52 हजार से अधिक बेटियों को 60 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी गई है। खास बात यह है कि पुनर्विवाह के मामलों में भी बेटियों को लाभ दिया जा रहा है।यह योजना SC परिवारों को बेटी की शादी के आर्थिक बोझ से मुक्त करती है। प्रत्येक बेटी के विवाह पर 12,000 रुपये की सहायता DBT से सीधे बैंक खाते में जमा की जाती है। शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में परिवार की सालाना आय 6 लाख तक होने पर अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलता है। बेटी की उम्र 18 और लड़के की 21 वर्ष होनी चाहिए।ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। विवाह के दो वर्ष के अंदर esamajkalyan.gujarat.gov.in पर आवेदन किया जा सकता है। यह सहायता बेटियों को आत्मसम्मान के साथ नया जीवन शुरू करने में मदद करती है और शादी को बोझ के बजाय आनंद का अवसर बनाती है। योजना समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाने की मिसाल है। gujaratvaibhav.com

