नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने अदालत कक्ष में अनुशासन और गरिमा बनाए रखने के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और केंद्र सरकार से संयुक्त रूप से सुझाव मांगा है। शीर्ष अदालत ने यह निर्देश अधिवक्ता राकेश किशोर के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान दिया। यह मामला 6 अक्तूबर की उस घटना से जुड़ा है, जब सुनवाई के दौरान अधिवक्ता किशोर ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की ओर जूता फेंकने का प्रयास किया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और व्यावहारिक उपायों की आवश्यकता है। अदालत ने निर्देश दिया कि एससीबीए और केंद्र मिलकर न केवल निवारक कदमों पर सुझाव दें बल्कि ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग और सार्वजनिक प्रसार के लिए एक स्पष्ट प्रोटोकॉल भी सुझाएं। बार एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार को औपचारिक पक्षकार बनाया जाएगा और ऐसे सुझाव दिए जाएंगे, जिन्हें आईटी नियमों या सुप्रीम कोर्ट नियमों में शामिल किया जा सकता है।

