विपक्ष ने कागज फाड़े; चुनावी फायदे के लिए जोड़ा था गांधी का नाम: शिवराज
नई दिल्ली (वी.एन.झा)
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने लोकसभा में जवाब दिया। इस दौरान विपक्ष बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए और कागज फेंके। हंगामे के बीच बिल ध्वनिमत से पास हो गया।शिवराज सिंह चौहान ने कहा, मनरेगा का नाम पहले पहले महात्मा गांधी के नाम पर नहीं रखा गया। वो तो पहले नरेगा थी। बाद में जब 2009 के चुनाव आए तब चुनाव और वोट के कारण महात्मा गांधी याद आए। बापू याद आए। तब उसमें जोड़ा गया महात्मा गांधी। हंगामे और सांसदों की ओर से कागजात उछाले जाने पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने नाराजगी जताई। शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के आचरण पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन सांसदों ने लोकतंत्र को कलंकित किया और संसद की मर्यादाएं तार-तार कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों ने लोकतंत्र को गुंडातंत्र में बदल दिया।इससे पहले विपक्ष ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में मार्च निकाला। इसमें विपक्ष के 50 से ज्यादा सांसदों ने हिस्सा लिया और VB-G-RAM-G बिल वापस लेने के नारे लगाए।बुधवार को लोकसभा में VB-G-RAM-G बिल पर 14 घंटे चर्चा हुई। कार्यवाही देर रात 1:35 बजे तक चली। इसमें 98 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मांग की कि प्रस्तावित कानून को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए। यह 20 साल पुराने MGNREG एक्ट की जगह लेगा।
नौकरी न लगे तो ‘जय श्री राम’ कहो: भाजपा सांसद
भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी ‘VB-जी राम जी’ बिल पर लोकसभा में बुधवार और गुरुवार को 14 घंटे बहस हुई। 50 से ज्यादा सांसदों ने इस पर अपनी बात रखी।।नए बिल में महात्मा गांधी का नाम हटने पर शिवराज ने एक-एक कर उन 415 योजनाओं के नाम गिनाए, जो नेहरू, इंदिरा और राजीव गांधी के नाम पर हैं।उत्तराखंड के भाजपा सांसद ने तो अजीबो-गरीब बयान दिया। उन्होंने कहा- लड़की की शादी न हो रही हो, नौकरी न लग रही हो तो जय राम जी बोलिए।
बंगाल की जॉब-गारंटी योजना महात्मा गांधी के नाम पर होगी:ममता
रोजगार गारंटी स्कीम ‘मनरेगा’ से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विवाद के बीच सीएम ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि बंगाल की रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ का नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम पर रखा जाएगा।राज्य में रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ 2024 में शुरू की गई थी। इसका मकसद ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को आजीविका देना है। अब इसका नाम ‘महात्मा गांधी कर्मश्री’ योजना हो जाएगा।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने गुरुवार को बिजनेस और इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में कहा कि यह कदम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में लिया गया है।

