ओमान से दोस्ती नहीं बदलेगी: मोदी
ओमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है। ओमान ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए उन्हें ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया है। राजधानी मस्कट में ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑर्डर ऑफ ओमान से सम्मानित किया है।इससे पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापार समझौते पर साइन हुए।इसके तहत भारत के 98 प्रतिशत निर्यात को ओमान के बाजार में ड्यूटी-फ्री पहुंच मिलेगी। इस समझौते से खास तौर पर कपड़ा, कृषि उत्पाद और चमड़ा उद्योग को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। इसके बदले में भारत ओमान से आने वाले कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करेगा। इनमें खजूर, मार्बल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद शामिल हैं। यह समझौता अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही से लागू होने की संभावना है। ऐसे समय में यह करार अहम माना जा रहा है, जब भारत को अपने सबसे बड़े निर्यात बाजार अमेरिका में 50 प्रतिशत तक के ऊंचे शुल्क का सामना करना पड़ रहा है।केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश प्रोत्साहन मंत्री कैस बिन मोहम्मद अल यूसुफ से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-ओमान के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। गोयल ने इस बातचीत को उत्पादक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंध पहले से ही मजबूत हैं और उन्हें नई ऊंचाइयों तक ले जाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और ओमान के बीच बढ़ता आर्थिक जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुल्तान हैथम बिन तारिक के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नेताओं की मौजूदगी में होने वाली आगामी बातचीत से सभ्यतागत रिश्ते गहरे आर्थिक सहयोग के नए अध्याय में तब्दील होंगे।पीएम ने बताया कि भारत और ओमान के बीच होने वाला व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी CEPA आने वाले कई दशकों तक दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करेगा। उन्होंने इसे दोनों देशों के साझा भविष्य का खाका बताया।इससे पहले मस्कट में भारत-ओमान बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की सराहना की। उन्होंने स्टार्टअप से भी अपील की कि वे भारत में निवेश करें, नए प्रयोग करें और भारत-ओमान के साथ मिलकर आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आज हम एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला ले रहे हैं, जिसकी गूंज आने वाले कई दशकों तक सुनाई देगी। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता यानी सीईपीए 21वीं सदी में हमें नया भरोसा और नई ऊर्जा देगा। यह हमारे साझा भविष्य का खाका है। इससे हमारे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, निवेश को नया आत्मविश्वास मिलेगा और हर क्षेत्र में नए अवसरों के दरवाजे खुलेंगे। ओमान पहुंचे पीएम मोदी ने गुरुवार को कहा कि कितने भी मौसम बदल जाएं लेकिन भारत से उनकी दोस्ती नहीं बदलेगी।उन्होंने राजधानी मस्कट में भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित किया। उन्होंने प्रवासी भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा कि वे जहां भी जाते हैं, वहां की विविधता की तारीफ करते हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को हाल ही में एक और अद्भुत सम्मान मिला है। यूनेस्को ने दिवाली को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किया है। अब दिवाली का दीया हमारे घर को ही नहीं, पूरी दुनिया को रोशन करेगा। ये दुनियाभर में बसे प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। दिवाली की ये वैश्विक पहचान हमारी उस रोशनी की मान्यता है, जो आशा, सद्भाव और मानवता के संदेश को, उस प्रकाश को फैलाती है। प्रधानमंत्री ने कहा, आज हम सब यहां भारत-ओमान ‘मैत्री पर्व’ भी मना रहे हैं। M मतलब Maritime Heritage (समुद्री विरासत), A का मतलब Aspiration (आकांक्षा), I का मतलब Innovation (नवाचार), T का मतलब Trust and Technology (विश्वास और तकनीक), R का मतलब Respect (सम्मान) और I का मतलब Inclusive Growth (समावेशी विकास) है। ये मैत्री पर्व दोनों देशों की दोस्ती और हमारी साझा सांस्कृतिक और समृद्ध भविष्य का उत्सव है। ‘पीएम मोदी बुधवार शाम को ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर ओमान के रक्षा मामलों के उप प्रधानमंत्री सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने मोदी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने औपचारिक बातचीत भी की। रात में सईद ने पीएम मोदी के लिए डिनर भी रखा।

