बांग्लादेश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं : यूनुस प्रशासन
ढाका
बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। इस दौरान ढाका के नजदीक भालुका में धर्म का अपमान करने के आरोप में एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला।युवक के शव को नग्न करके एक पेड़ से लटका कर आग लगा दी। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की गई है। पुलिस ने बताया कि यह घटना गुरुवार रात भालुका में हुई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लोग ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते दिख रहे हैं।इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार देर रात देश के सबसे बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो के ऑफिस में जबरन घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर्रहमान के आवास में भी तोड़फोड़ की गई है और शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के ऑफिस को भी जला दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी के घर में आग लगा दी.
उस्मान हादी शेख हसीना के खिलाफ जुलाई 2024 में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्हें 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी। इसके बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। 6 दिन बाद उनकी मौत हो गई।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद जारी अशांति के बीच मैमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की कथित लिंचिंग की कड़ी निंदा की है।सरकार ने एक बयान में कहा, ‘हम मैमनसिंह में हुई घटना की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें एक हिंदू व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला गया। नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं है। इस क्रूर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।’ बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने गुरुवार देर रात राष्ट्र के नाम टेलीविजन पर दिए गए भाषण में हादी की मौत की घोषणा की और उसके हत्यारों को पकड़ने के लिए तुरंत कार्रवाई का वादा किया। यूनुस ने कहा, ‘आज मैं आपके सामने बहुत दुखद खबर लेकर आया हूं। जुलाई विद्रोह के निडर फ्रंटलाइन फाइटर और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे। सरकार ने देश के जाने-माने अखबारों ‘द डेली स्टार’, ‘प्रोथोम आलो’ और ‘न्यू एज’ के पत्रकारों के साथ एकजुटता भी जाहिर की, जो गुस्से वाली भीड़ द्वारा दफ्तरों में तोड़फोड़ और आग लगाने से बाल-बाल बच गए थे। सरकार ने कहा, ‘हम आपके साथ हैं।आपके साथ हुई दहशत और हिंसा के लिए हमें बहुत अफसोस है। दहशत के सामने भी, देश ने आपकी हिम्मत और मजबूती देखी है। पत्रकारों पर हमला सच पर हमला है। हम आपको पूरे न्याय का भरोसा दिलाते हैं।’यूनुस ने कहा, ‘मैं सभी नागरिकों से दिल से अपील करता हूं, धैर्य और संयम बनाए रखें। कानून लागू करने वाली एजेंसियों और दूसरे संबंधित संगठनों को प्रोफेशनल तरीके से जांच करने का मौका दें, राज्य कानून इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

