मुंबई। मुझे डॉ. रघुनाथ माशेलकर और सुशील बोर्डे द्वारा सह-लिखित पुस्तक “More from Less for More: Innovation’s Holy Grail” के लॉन्च के विशेष अवसर की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए बेहद खुशी हो रही है। हमारे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, मुकेश डी. अंबानी ने ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में आत्मनिर्भर और नवाचारी भारत के लिए अपना प्रेरक दृष्टिकोण साझा किया। अपने संबोधन में अंबानी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘नया भारत’ युवा स्वप्नद्रष्टाओं से भरा है, जहाँ अब करोड़ों आकांक्षाएँ भारत के भीतर ही साकार हो रही हैं और उन्हें विदेशों में अवसर तलाशने की ज़रूरत नहीं पड़ रही है। उन्होंने दोहराया कि भले ही हमने एक लंबा सफर तय कर लिया है, लेकिन विकास और नवाचार की यह यात्रा निरंतर जारी है। रिलायंस की अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे 5,50,000 कर्मचारियों में से 1,00,000 से अधिक तकनीकी पेशेवर हैं। ये सभी अब वास्तव में एक गहन नवाचार (Deep Innovation), डीप-टेक और विज्ञान-आधारित कंपनी बनने की दहलीज पर हैं।” इस कार्यक्रम में अंबानी द्वारा डॉ. रघुनाथ माशेलकर का आत्मीय सम्मान भी किया गया। यह सम्मान डॉ. माशेलकर के शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए था—जिसमें उनके नाम दर्ज 54 पीएचडी (PhD) का रिकॉर्ड शामिल है। ज्ञान को आगे बढ़ाने की यह एक असाधारण विरासत है।

