बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक हमला,भीड़ ने हमले के बाद लगाई आग
ढाका
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. वहां एक बार फिर नफरत ने जान लेने की कोशिश की. शरीयतपुर इलाके में खोकन चंद्र नाम के एक हिंदू शख्स को भीड़ ने घेर लिया. पहले बेरहमी से उसे पीटा गया. फिर चाकू से वार किया गया. इसके बाद पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश हुई. आखिरी पल में व्यापारी खोकन चंद्र ने पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई. लेकिन यह हमला एक बार फिर बताता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किस हद तक पहुंच चुका है. जानकारी के मुताबिक, ये क्रूर हमला बुधवार (31 दिसंबर) को रात करीब 9:00 बजे कनेश्वर यूनियन के तिलोई इलाके में हुआ. खोकोन चंद्र दास (40), परेश चंद्रदास के बेटे हैं. वे दामुद्या के केउरभंगा बाज़ार में एक फार्मेसी के मालिक हैं. खोकन चंद्र दास ने बुधवार रात अपनी दुकान बंद की और घर की ओर चल पड़े. जब वे तिलोई क्षेत्र पहुंचे, तो बदमाशों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया. हमलावरों ने उन पर धारदार हथियारों से वार किए और फिर उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आगलगा दी. आग की लपटों से अपनी जान बचाने के लिए खोकन चंद्र दास पास के एक तालाब में कूद गए. बाद में, स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में बचाया और शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया. उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस घटना से इलाके में व्यापक दहशत फैल गई है. हमले के पीछे का मकसद और इसमें शामिल लोगों की पहचान अभी तक पुष्ट नहीं हो पाई है.बांग्लादेश में 15 दिन के भीतर दूसरी बार हिंदू शख्स को हवाले किया गया है। इससे पहले 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। इसके बाद उनके शव को पेड़ पर लटकाकर आग लगा दी गई थी।दीपू दास को भीड़ ने ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर पीटा था। वे एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। इस मामले की जांच में यह सामने आया कि जिस दावे के आधार पर भीड़ ने हमला किया था, उसके कोई सबूत नहीं मिले।

