नई दिल्ली(वी.एन.झा)। वेनेजुएला में अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के अप्रत्याशित घटनाक्रम पर भारत सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत वेनेजुएला की वर्तमान स्थिति को लेकर अत्यंत चिंतित है और उन्होंने सभी पक्षों से लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है ‘लोगों की भलाई हमारी प्राथमिकता’ लक्ज़मबर्ग में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एस. जयशंकर ने कहा, ‘हम हालिया घटनाक्रम से चिंतित हैं। हम इस विवाद में शामिल सभी पक्षों से अनुरोध करते हैं कि वे मिलकर एक ऐसे समाधान पर पहुँचें जो वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में हो। लोगों की भलाई हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत और वेनेजुएला के बीच वर्षों से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। भारत चाहता है कि स्थिति कैसी भी हो, वेनेजुएला के लोग सुरक्षित रहें और इस संकट से जल्द से जल्द बाहर निकलें।’ भारतीय दूतावास अलर्ट मोड पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि, ‘कराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के निरंतर संपर्क में है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए दूतावास तैयार है। भारत सरकार ने इस मुद्दे को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है।’गौरतलब है कि 3 जनवरी को अमेरिका ने वेनेजुएला में ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ के तहत बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया था। वर्तमान में मादुरो न्यूयॉर्क की जेल में बंद हैं और सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था। फिलहाल वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाल रही हैं।

