क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (पश्चिम) मुंबई के अन्तर्गत कार्यरत सभी नगर समितियों के लिए “भारत में कैशलैस अर्थव्यवस्था:अवसर एवं चुनौतियां” तथा “डिजिटल परिवेश में ग्राहक अनुभव: अवसर एवं चुनौतियां” विषय पर होटल सूर्या पैलेस, वड़ोदरा में राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार की पृष्ठभूमि श्री प्रमोद बर्मन जी, सदस्य सचिव, नराकास, वड़ोदरा,मुख्य अतिथि श्री प्रमोद सांगोले,सहायक निदेशक, राजभाषा विभाग, गृहमंत्रालय, मुंबई, विशिष्ट अतिथि,”सयाजी साहित्य सम्मान 2025″ के विजेता डॉ धनंजय चौहाण, अध्यक्ष श्री प्रभात शर्मा, अध्यक्ष , नराकास, वड़ोदरा के साथ पश्चिमांचल नराकास के पदाधिकारी, पश्चिमांचल के केन्द्रीय सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों और बेंको के प्रतिनिधि प्रतिभागी उपस्थित रहे।इस केन्द्रीय सेमिनार में डॉ धनंजय चौहाण ने अध्यक्षता कर अध्यक्षीय वक्तव्य दिया।नराकास(बेंक) की छमाही पत्रिका ‘समन्वय’ का लोकार्पण भी किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर और विशेषतः बड़ौदा शहर में हिन्दी भाषा एवं साहित्य को समृद्ध बनाने में डॉ धनंजय चौहाण का योगदान उल्लेखनीय है। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति ( बेंक) वडोदरा डॉ धनंजय चौहाण को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान तथा लेखन और संपादन के 30 से अधिक ग्रंथों के जरिए साहित्यिक अवदान के लिए “सयाजी साहित्य सम्मान 2025” के साथ 21000 रु. (इक्कीस हजार रुपए) प्रशस्ति फलक,शोल और स्मृति भेट देकर सम्मानित किया गया।

