- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए प्रार्थनापत्र में ‘गौमाता’ को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की मांग
- सूरत, वडोदरा, कलोल, गांधीनगर, माणसा, मोरबी में निकली रैली में हजारों लोग शामिल हुए
अहमदाबाद। गौमाता के संरक्षण एवं उसे ‘राष्ट्रमाता’ का कानूनी दर्जा दिलाने के लिए गुरुवार से देशव्यापी जनजागरण अभियान की शुरुआत हुई। इसी क्रम में गुजरात की सभी 268 तहसीलों में रैली निकालकर एक प्रार्थनापत्र तहसीलदारों को दिया गया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम से प्रेषित प्रार्थनापत्र में मांग की गई कि गौ-माता को ‘राष्ट्रमाता’ का कानूनी दर्जा दिलाने के लिए संसद में बिल पास किया जाए। साथ ही गाय को कत्लखाने में जाने से रोका जाए।
जनजागरण अभियान के तहत कलोल में किरन झा, शंकरभाई, रणछोड़भाई, भरत देसाई के नेतृत्व में लगभग 1000 साधु-संतों, सभी धर्म एवं गाय प्रेमियों ने एक रैली निकाली, जो नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पर समाप्त हुई। रैली में 25 गाय एवं रथ शामिल थे। रैली के पश्चातï् एक प्रार्थनापत्र तहसीलदार को सौंपा गया। इसी प्रकार गांधीनगर में राजू राजगौर की अगुवाई में रैली निकाली गई। रैली में शामिल सैंकड़ों लोग गाय हमारी ‘राष्ट्रमाता’ जैसे ‘उदï्घोष’ कर रहे थे। राजू ने बताया कि गाय केवल पशु ही नहीं बल्कि वह सनातन का प्रतीक होने के साथ ही उसका वैज्ञानिक पक्ष भी है। रैली पश्चातï् तहसीलदार को प्रार्थनापत्र सौंपा गया। माणसा में लालभाई, बाबूभाई के नेतृत्व में रैली निकाली गई। रैली में शहर की सनातन धर्मप्रेमी जनता के अलावा विभिन्न धर्मों के लोग भी शामिल थे। इस अवसर तहसीलदार को प्रार्थनापत्र सौंपा गया। मोरबी में निकाली रैली में काफी जोश देखा गया। यहां तहसीलदार को सौंपे गए पत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार से मांग की गई कि गाय को तुरन्त ‘राष्ट्रमाता’ घोषित कर उसके संरक्षण का कार्य किया जाए। साथ ही गोचर की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई यदि सरकार हमारी मांग को पूरा नहीं करेगी तो आंदोलन चलाया जाएगा। सूरत, वडोदरा में भी निकाली गई रैली में हजारों लोग शामिल हुए।

