15 जून तक भगवान विष्णु की भक्ति और दान-पुण्य से मिलेगा विशेष फल, मांगलिक कार्यों पर लगा ब्रेक
17 मई रविवार से ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के साथ अधिक मास / मलमास का प्रारंभ हो गया है जो 15 जून 2026 सोमवार तक रहेगा । सनातन परंपरा में अधिक मास को विशेष रूप से विष्णु भगवान की उपासना, जप ,तप, व्रत, दान एवं कथा- श्रवण एवं आध्यात्मिक के साधन के लिए अत्यंत पूण्यदायी माना गया है। इस विशेष समय में विवाह ,गृह प्रवेश, मुंडन ,आदि मांगलिक कार्य समानता वर्जित माने जाते हैं। जबकि पूजा पाठ ,हवन ,तीर्थस्थल सत्संग ,गीता, एवं रामायण पाठ का विशेष महत्व रहता है इस विशेष समय मे सार्मथ्य अनुसार दान-पुण्य करे दीपदान करे,जलदान करे,पीलेवस्त्र दान करे,ईश्वर आराधना और आत्मचिंतन करे। इस अवधि मे ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेव नमः’ का मंत्र जाप अवश्य करे। साथ ही विष्णु भगवान को पीले फल,वा पीली मिठाई का भोग लगाये। गौ सेवा अवश्य करे।पवित्र नदी मे स्नान करे। रोज हो सके तो पीपल, वट,आंवले या बिल्ववृक्ष किसी एक के नीचे सायंकाल दीपदान अवश्य करे।शिवालय मे जा कर दीपदान कर सकते है। अपने माता -पिता और बुजुर्गो का मान-सम्मान और सेवा करे ।

