- ‘साहित्यालोक’ के मंच पर बरसे कविता के रंग, जाने-माने रचनाकारों ने बांधा समां
अहमदाबाद । ‘ साहित्यालोक ‘ , गत छ: दशकों से गुजरात के साहित्य – प्रेमियों को काव्य- गोष्ठियों के द्वारा कविता की संजीवनी प्रदान करने वाली यशस्वी संस्था रही है। इसी क्रम में 17 मई सायं 5:30 बजे युवा कवि श्री आलोक गुंजन के निवास – स्थान पर मेरठ से पधारे वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ. रामगोपाल भारतीय की अध्यक्षता में एवं अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध हास्य – व्यंग्य कवि दिनेश वशिष्ठ के संचालन में एक भव्य एवं यादगार काव्य – गोष्ठी संपन्न हुई । र्वप्रथम संस्था के महामंत्री चन्द्रमोहन तिवारी ने प्रारंभिक उद्घोष करते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष , संचालक एवं ‘साहित्यालोक ‘ का संक्षिप्त परिचय देते हुए सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया तत्पश्चात् कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. रामगोपाल भारतीय का संस्था के अध्यक्ष डॉ. ऋषिपाल धीमान ने उपवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया । माँ शारदे के दीप – प्रज्ज्वलन के पश्चात् विधिवत काव्य – गोष्ठी की शुरुआत हुई । काव्य-गोष्ठी में गीत, ग़ज़ल, दोहे, अछांदस आदि सभी तरह की काव्य – विधाओं का समावेश रहा। रस की बात करें तो काव्य – गोष्ठी में श्रृंगार, अध्यात्म, हास्य आदि सभी रसों की वर्षा निरन्तर होती रही । इस रसमयी काव्य-गोष्ठी में भाग लेने वाले कवि थे। डॉ .रामगोपाल भारतीय , डॉ. सतीन देसाई, डॉ. ऋषि पाल धीमान, ओंकार अग्निहोत्री, चन्द्रमोहन तिवारी, विजय कुमार तिवारी, दिनेश कुमार वशिष्ठ, जितेन्द्र सिंह चौहान, हरिवदन भट्ट, संजीव प्रभाकर, छत्रपाल वर्मा, डॉ. भागिया ‘ख़ामोश’, विजय प्रताप सिंह, मुकेश पाण्डेय, प्रताप सिंह डाभी, डॉ.अविनाश पाठक, नित्यानंद पांडेय, अभिषेक शुक्ल, आनंद सिद्धार्थ, आलोक गुंजन, सुनील भदौरिया, डॉ मीरा रामनिवास, रजनी धीमान, नमिता सिंह, डॉ नलिनी शर्मा एवं प्रतिभा पुरोहित । अंत में काव्य-गोष्ठी के अध्यक्ष एवं ख्याति लब्ध ग़ज़लकार डॉ. रामगोपाल भारतीय ने अपना अध्यक्षीय वक्तव्य दिया साथ ही साथ उन्होंने अपनी कुछ ग़ज़लें पेश कीं, जिन्हें ख़ूब तालियाँ मिलीं । तत्पश्चात् संस्था के गोष्ठी मंत्री एवं हास्य – व्यंग्य कवि हरिवदन भट्ट ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
gujaratvaibhav.com

