268 तहसीलों में निकाली जाएगी रैली, तहसीलदोरों को सौंपे जाएंगे प्रार्थना पत्र

गांधीनगर/अहमदाबाद । समस्त विश्व का कल्याण करने वाली गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए होने जा रही है। श्री सुरभी शक्तिपीठ, गांधीनगर में आयोजित पूज्य संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 7 मई 2026 को संपूर्ण गुजरात में ‘गौ सम्मान दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।अभियान से जुड़े संतों ने बताया कि 27 अप्रैल को पूरे भारत में यह दिवस मनाया गया था, लेकिन गुजरात में चुनाव होने के कारण अब इसे 7 मई को आयोजित किया जा रहा है। इस दिन गुजरात के सभी 34 जिलों के 268 तहसीलों में गौभक्त और संत एकत्रित होकर ‘भगवद संकीर्तन’ करें गे। इसके पश्चात, प्रत्येक तालुका के अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ‘प्रार्थना पत्र’ सौंपे जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान दिलाना और देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए केंद्रीय कानून बनाना है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि ‘गौमाता भारत भाग्य विधाता अभियान’ पूरी तरह से गैर-राजनीतिक, अहिंसक और निष्काम भाव से चलाया जाएगा। यह किसी एक संस्था या दल का नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों का साझा प्रयास है। इस अभियान के तहत भारत भर में 27 अप्रैल को 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपे गए थे। अब अकेले गुजरात से 1 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाकर केंद्र सरकार को भेजने का लक्ष्य रखा गया है। संतों ने संकल्प दोहराया कि गौमाता को उचित सम्मान और सुरक्षा नहीं मिलती, यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
प्रमुख मांगें
संतों और गौसेवकों ने इस अभियान के माध्यम से सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं: गौवंश की हत्या और तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान। गौशालाओं को मनरेगा योजना से जोड़ना और बिजली-पानी के बिल में 100% रियायत देना। गौशालाओं को राज्य GST से मुक्ति और सोलर प्लांट के लिए सब्सिडी प्रदान करना। गोबर और गोमूत्र आधारित अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना। आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में पंचगव्य औषधियों का नि:शुल्क वितरण। सरकारी भवनों में गोबर पेंट और गौनाइल (Gounyle) के उपयोग को अनिवार्य बनाना।
‘गौमाता’ को ‘राष्ट्रमाता’ का कानूनी दर्जा मिले : किरन झा
सनातन धर्म के अलावा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के कारण ‘गाय’ को ‘गौमाता’ माना जाता है। हिन्दू-समाज ‘गौमाता’ की पूजा करता है इसके अलावा पर्यावरण को बचाए रखने में ‘गाय’ की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। इसीलिए हम ‘गौमाता’ के सम्मान के लिए देशभर में अभियान चला रहे हैं। 7 मई को ‘गौ सम्मान दिवस’ इसी कड़ी का हिस्सा है। यह बात अभियान से जुड़ी किरन झा ने कही। किरन झा ने बताया कि इस अभियान के तहत 7 मई को गुजरात की सभी तहसीलों में रैली निकाली जाएगी। रैली में सभी धर्मों के लोग शामिल रहेंगे। हर-तहसील से 10 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल एवं राज्यपाल आचार्य देवव्रत के नाम पत्र भी सौंपा जाएगा। पत्र के माध्यम से मांग की जाएगी कि ‘गौमाता’ को कानूनी रूप से ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा प्रदान किया जाए। किरन झा ने बताया कि वह स्वयं कलोल तहसील केन्द्र में होने वाली रैली में शामिल होंगी।

